एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) ने शुक्रवार 22 जुलाई को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे घोषित किए। कंपनी ने बताया कि अप्रैल-जून तिमाही में उसका मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 9 फीसदी घटकर 314.19 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 345.45 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का रेवेन्यू पहली तिमाही में 2.9 फीसदी बढ़कर 521.58 करोड़ रुपये रहा।
HDFC AMC की दूसरे स्रोतों से होने वाली आय जून तिमाही में 11.32 करोड़ रुपये, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में हुई आय से 89 फीसदी कम है। हालांकि इसके साथ कंपनी की टैक्स लागत भी जून तिमाही में 41.3 फीसदी घटकर 70.8 करोड़ रुपये रही।
जून तिमाही के दौरान कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 5 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 42 रुपये प्रति शेयर के अंतिम डिविडेंट का भुगतान किया। डिविडेंड राशि को कंपनी की 29 जून को हुई सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डरों ने मंजूरी दी थी।
कंपनी का तिमाही औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) 4.15 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में रहे 4.169 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा कम है। इस QAAUM के साथ कंपनी की म्यूचुअस फंड इंडस्ट्री में कुल 11 फीसदी मार्केट शेयर है।
नतीजों के साथ कंपनी ने आज अपने चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर प्रशांत जैन के इस्तीफे का भी ऐलान किया। मनीकंट्रोल ने इस बारे में पहले ही एक रिपोर्ट में बताया था कि देश के सबसे लंबे समय तक म्यूचुअल फंड मैनेजर रहने वाले प्रशांत जैन ने कंपनी से अलग होने का मन बना लिया है।
इसके अलावा वह इकलौते फंड मैनेजर है, जो पिछले 28 सालों से एक म्यूचुअल फंड स्कीम को उसकी शुरुआत से मैनेज कर रहे हैं। जैन के इस्तीफे के बाद चिराग सीतलवाड़ को नया चीफ इनवेस्टमेंट ऑफिसर नियुक्त किया गया है। इस बीच HDFC AMC के शेयर शुक्रवार को NSE पर 1.46% फीसदी गिरकर 1,896.90 रुपये पर बंद हुए।