आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के मुनाफे में वित्त वर्ष 2022 की मार्च तिमाही में 168% फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बैंक को प्रोविजन के लिए कम राशि रखने और नेट इंटरेस्ट इनकम में उछाल से अपना मुनाफा बढ़ाने में मदद मिली। प्राइवेट सेक्टर के इस बैंक ने शनिवार को बताया कि मार्च तिमाही में उसका मुनाफा बढ़कर 342 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 127.81 करोड़ रुपये था।
IDFC का नेट इंटरेस्ट इनकम मार्च तिमाही में 36 फीसदी बढ़कर 2,669 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 1,960 करोड़ रुपये था। बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन भी चौथी तिमाही में बढ़कर 6.27 फीसदी रहा है, जो इसकी ठीक पिछली तिमाही में 5.9 फीसदी था।
IDFC बैंक के अन्य स्रोतों से कमाई मार्च तिमाही में 40 फीसदी बढ़कर 841 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 600 करोड़ रुपये था। बैंक का बैड लोन या ग्रॉस-नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) मार्च तिमाही में घटकर 3.7 फीसदी रहा, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 3.96 फीसदी था। इससे बैंक के एसेट क्वालिटी में भी सुधार के संकेत दिखते हैं।
इसी तरह बैंक का एनपीए (NPA) भी मार्च तिमाही में बेहतर होकर 1.53 फीसदी पर रहा, जो ठीक एक तिमाही पहले 1.74 फीसदी पर था। बैंक की तरफ से प्रोविजन के तौर पर अलग रखी जाने वाली राशि मार्च तिमाही में 36 फीसदी घटकर 369 करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले की इसी तिमाही में 580 करोड़ रुपये था।
IDFC First Bank का ऑपरेटिंग खर्च मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 24 फीसदी बढ़कर 2,674 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष वर्ष की इसी तिमाही में 2,156 करोड़ रुपये था। बैंक का डिपॉजिट मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 13 फीसदी बढ़कर 93,214 करोड़ रुपये रहा। वहीं इसके लोन बुक में भी 13 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई। सबसे अधिक ग्रोथ रिटेल लोन में दर्ज की गई जो मार्च तिमाही में 28 फीसदी बढ़कर 83,740 करोड़ रुपये रहा।
IDFC First Bank के शेयर शुक्रवार को एनएसई पर 0.63 फीसदी गिरकर 39.45 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुए थे। पिछले एक महीने में इसके शेयरों में 5.40 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि पिछले एक साल में इसका भाव करीब 26.94 फीसदी घटा है।