Indian Oil June Quarter Result: ऑयल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का अप्रैल-जून 2024 तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 74.7 प्रतिशत गिरकर 3722.63 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले यह 14735.30 करोड़ रुपये था। रिफाइनरी और मार्केटिंग प्रॉफिट में कमी और सरकार नियंत्रित दरों पर घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की लागत से कम दाम पर बिक्री की वजह से कंपनी का मुनाफा घटा है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि जून 2024 तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत कम होकर 219864.34 करोड़ रुपये रहा, जो जून 2023 तिमाही में 225410.49 करोड़ रुपये था। तिमाही के दौरान खर्च बढ़कर 216127.12 करोड़ रुपये के रहे। एक साल पहले अप्रैल-जून में ये खर्च 206930.75 करोड़ रुपये के रहे थे।
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का एवरेज ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) जून 2024 तिमाही में 6.39 डॉलर प्रति बैरल दर्ज किया गया। एक साल पहले यह 8.34 डॉलर प्रति बैरल था। कंपनी का रिफाइनरीज थ्रोपुट 18.168 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) रहा, जो जून 2023 तिमाही में 18.752 MMT था। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का तिमाही डॉमेस्टिक सेल्स वॉल्यूम 24.063 MMT दर्ज किया गया, जो एक साल पहले 23.305 MMT रहा था।
30 जुलाई को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का शेयर 1.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ 183 रुपये पर क्लोज हुआ है। सुबह बीएसई पर शेयर बिना किसी उतार चढ़ाव के 180.20 रुपये पर खुला। दिन में यह 185.95 रुपये के हाई और 178.50 रुपये के लो तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 2.58 लाख करोड़ रुपये है। एक साल में शेयर की कीमत 95 प्रतिशत मजबूत हुई है।
इंडियन ऑयल के बोर्ड ने 30 जुलाई की मीटिंग में बरौनी-कानपुर प्रोडक्ट पाइपलाइन (बीकेपीएल) और पटना-मोतिहारी-बैतालपुर पाइपलाइन (पीएमबीपीएल) पर बिहटा, पटना, बिहार में ग्रीनफील्ड टर्मिनल के निर्माण के लिए चरण-1 की मंजूरी दे दी है। इसकी अनुमानित लागत 1698.67 करोड़ रुपये है। यह पटना में मौजूदा मार्केटिंग टर्मिनल और पाइपलाइन पंप स्टेशन के कंबाइंड रिसाइटमेंट और उससे संबंधित प्री प्रोजेक्ट एक्टिविटीज को शुरू करने के लिए है।