Infosys Q1 Results: देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी में कर्मचारियों की संख्या में गिरावट लगातार छठवें तिमाही जारी रही। कंपनी ने बताया कि जून तिमाही के दौरान उसके कर्मचारियों की संख्या में 1,908 की कमी आई। इसके पीछे मुख्य कारण इंफोसिस के हायरिंग मॉडल में बदलाव बताया जा रहा है क्योंकि कंपनी इस समय अपने यूटिलाइजेशन रेट को बेहतर बनाने पर अधिक फोकस कर रही है। कंपनी ने बताया कि जून तिमाही के अंत में उसके कुल कर्मचारियों की संख्या 315,332 रही, जो इससे पहले मार्च तिमाही के अंत में 336,294 थी। सालाना आधार पर कर्मचारियों की संख्या में 20,962 की कमी आई।
वहीं इंफोसिस के एट्रिशन रेट (Attrition Rate) में जून तिमाही के दौरान मामूली बढ़ोतरी देखी गई और यह 12.7 प्रतिशत रहा। मार्च तिमाही में इंफोसिस का एट्रिशन रेट 12.6 फीसदी था। बता दें कि कर्मचारियों के खुद से कंपनी छोड़कर जाने की दर को एट्रिशन रेट कहते हैं।
दूसरी आईटी कंपनियों की बात करें तो, TCS ने जून तिमाही में 5,452 अतिरिक्त कर्मचारी जोड़े। इसके साथ ही कंपनी ने पिछले तीन तिमाही से जारी कर्मचारियों की संख्या में गिरावट के सिलसिले को तोड़ दिया। हालांकि तिमाही आधार पर TCS के कर्मचारियों की संख्या में भी 1,759 की गिरावट आई। इस बीच HCL टेक के कर्मचारियों की संख्या में जून तिमाही के दौरान 8,080 की गिरावट आई। LTIमाइंट्री एक अपवाद रही, जिसने तिमाही आधार पर लगभग 284 कर्मचारियों को जोड़ा।
इंफोसिस ने गुरुवार 18 जुलाई को मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे भी जारी किए। कंपनी का शुद्ध मुनाफा जून तिमाही में सालाना आधार पर 7.1 फीसदी बढ़कर 6,368 करोड़ रुपये रहा। वहीं कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू इस दौरान 3.6 फीसदी उछलकर 38,850 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
इंफोसिस के नतीजे बाजार के अनुमानों से अच्छे रहे। मनीकंट्रोल ने 10 ब्रोकरेज के बीच इसे लेकर पोल किया था, उसमें अनुमान लगाया गया था कि इसका मुनाफा 5.1 फीसदी उछलकर 6,248 करोड़ रुपये और रेवेन्यू 2.4 फीसदी बढ़कर 38,850 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है।