सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ओम इंफ्रा (OM Infra) लिमिटेड ने Q4 और सालाना रिजल्ट जारी कर दिए हैं। इन रिजल्ट में कंपनी ने शानदार मुनाफा कमाया है। साथ ही कंपनी के रेवेन्यू में भी काफी इजाफा देखने को मिला है। कंपनी ने जनवरी-मार्च 2023 को खत्म हुई चौथी तिमाही के लिए 183.36 मिलियन का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट कमाया है। वहीं पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 131.43 मिलियन का स्टैंडअलोन शुद्ध घाटा हुआ था। इसके साथ ही कंपनी ने सालाना आधार पर भी बढ़िया मुनाफा कमाया है।
वहीं मार्च 2023 की तिमाही के लिए ओम इंफ्रा का स्टैंडअलोन रेवेन्यू साल-दर-साल (YoY) आधार पर 193 प्रतिशत बढ़ा है, जो कि कंपनी के लिए भी बेहतर संकेत हैं। यह बढ़कर 328.32 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि जबकि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ऑपरेशन से रेवेन्यू 112.24 करोड़ रुपये थी। वहीं जनवरी-मार्च 2023 में कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 10% के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन के साथ बढ़कर 31 करोड़ रुपये हो गया।
सालाना आधार पर कंपनी के परिणामों की बात की जाए तो वित्त वर्ष 2022-23 के लिए स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में कंपनी ने लगभग 200 फीसदी का उछाल देखा है। कंपनी ने पिछले वर्ष में 11.07 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 33.54 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट कमाया है। वहीं परिचालन से इसका रेवेन्यू 150 प्रतिशत बढ़ा है और यह 719.76 करोड़ रुपये हो गया।
इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने 0.50 प्रति इक्विटी शेयर डिविडेंड का ऐलान भी किया है। बता दें कि ओम इंफ्रा सरकारी प्रोजक्ट के साथ ही कई इंजीनियरिंग परियोजनाओं पर काम कर रही है। इनमें सरकार समर्थित 'जल जीवन मिशन' (हर घर जल) और देश के विभिन्न हिस्सों में बांधों, नहरों और अन्य सहित कई अन्य बुनियादी और जल भंडारण परियोजनाएं शामिल हैं।
भारत के कई राज्यों में ओम इंफ्रा का कारोबार फैला हुआ है। साथ ही भारत के अलावा कई देशों में भी कंपनी के प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कंपनी हाइड्रो पावर, सिंचाई और जल भंडारण परियोजनाओं आदि से जुड़ी हुई है। नतीजों पर ओम इंफ्रा लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विकास कोठारी ने कहा कि इस फाइनेंशियल ईयर में कंपनी 30,000 मिलियन रुपये के प्रोजेक्ट के लिए बोली लगाने का टारगेट बना रही है, जिससे कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक आएगी। साथ ही कंपनी राजस्थान में दो रियल एस्टेट परियोजनाएं भी विकसित कर रहे हैं जिससे अगले 2-3 सालों में 4000 मिलियन रुपये से ज्यादा का कैश सरपल्स हो सकता है।