सरकारी कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) का वित्त वर्ष 23 की चौथी तिमाही में कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 53 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,701 करोड़ रुपये रहा। जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 12,061.44 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी की Q4FY23 में कंसोलिडेटेड कुल आय बढ़कर 166,728.80 करोड़ रुपये रही। जो कि एक साल पहले की तिमाही में 158,660.49 करोड़ रुपये रही थी। स्टैंडअलोन आधार पर नजर डालें तो कंपनी ने मार्च 2023 (Q4FY23) को समाप्त चौथी तिमाही के लिए 248 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया। जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 8,860 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया गया था।
सरकार द्वारा संचालित तेल और गैस कंपनी के लिए स्टैंडअलोन ग्रॉस रेवन्यू 5.2 प्रतिशत बढ़कर 36,293 करोड़ रुपये हो गया। जो कि एक साल पहले की अवधि में 34,497 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी ने कहा कि 1 अप्रैल, 2016 से 31 मार्च, 2023 के बीच की अवधि में रॉयल्टी और उस पर ब्याज पर विवादित सेवा कर और जीएसटी के लिए तिमाही में किए गए 12,107 करोड़ रुपये के प्रोविजंस के कारण उसके मुनाफा पर असर हुआ।
कंपनी ने यह भी कहा कि यह एक विवेकपूर्ण कदम के रूप में किया गया है। कंपनी आगे "इस पर कानूनी राय के आधार पर विभिन्न फोरम के समक्ष इस तरह के विवादित मामलों पर लड़ाई को जारी रखेगी"।
कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 0.5 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। वित्त वर्ष 23 के लिए कुल डिविडेंड 225% (5 रुपये फेस वैल्यू के प्रति शेयर पर11.25 रुपये) होगा। जिसके लिए कंपनी को कुल भुगतान रु. 14,153 करोड़ करना होगा। इसमें वर्ष के दौरान पहले से भुगतान किए गए 215% (10.75 रुपये प्रति शेयर) का अंतरिम डिविडेंड भी शामिल है।
वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान ONGC ने कुल आठ भंडार खोजने की घोषणा की। इसमें पांच जमीन पर हैं और तीन समुद्र में हैं। इनमें से तीन प्रॉस्पेक्टस हैं (दो जमीन पर और एक समुद्र में), जबकि पाँच पूल (तीन जमीन पर और दो समुद्र में) हैं।
तिमाही के लिए कच्चे तेल (नॉमिनेटेड) का रियलाइजेशन 77.12 डॉलर प्रति बैरल रहा। जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 94.98 डॉलर प्रति बैरल के रियलाइजेशन की तुलना में 18.8 प्रतिशत कम है।
वहीं रुपये के संदर्भ में औसत कच्चे तेल का रियलाइजेशन 6,344 रुपये प्रति बैरल रहा। जिसमें सालाना आधार पर 11.2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
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