पेटीएम (Paytm) की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One 97 Communications) का घाटा सितंबर तिमाही में बढ़कर 571.5 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 473.5 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि तिमाही आधार पर कंपनी के घाटे में कमी आई है, जो जून तिमाही में 645.4 करोड़ रुपये रहा था। पेटीएम ने सोमवार 7 नवंबर को मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी करते हुए ये जानकारियां दी।
Paytm ने बताया कि सितंबर तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 76.2 फीसदी बढ़कर 1,914 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,086 करोड़ रुपये रहा था। वहीं तिमाही आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में 14 फीसदी दर्ज की गई है।
पेटीएम का रेवेन्यू इन वजहों से बढ़ा
कंपनी ने आगे बताया कि सितंबर तिमाही के दौरान पेमेंट सर्विसेज से होने वाली उसकी आय में 56 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
फाइनेंशियल सर्विसेज से होने वाली इनकम 293% बढ़ी
Paytm ने कहा कि फाइनेंशियल सर्विसेज और दूसरे कारोबार से होने वाली आय सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 293 फीसदी बढ़कर 349 करोड़ रुपये रहा। साथ ही कंपनी के कुल रेवेन्यू में इसकी हिस्सेदारी अब 18 फीसदी पर पहुंच गई है, जो जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 8 फीसदी थी।
पेटीएम का GMV 3.2 लाख करोड़ पर पहुंचा
सितंबर तिमाही में पेटीएम का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 3.2 लाख करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 63% था। तिमाही आधार पर कंपनी के GMV में 8% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। Paytm ने बताया कि ऑफलाइन मर्चेंट की संख्या बढ़ने और फेस्टिव सीजन के दौरान ई-कॉमर्स से जुड़े ऑनलाइन मर्चेंट्स के मर्चेंडाइज वैल्यू में बढ़ोतरी से उसे GMV में ग्रोथ दर्ज करने में मदद मिली।
Paytm के शेयर इस साल 51% लुढ़के
इस बीच पेटीएम के शेयर आज एनएसई पर 0.25% बढ़कर 652 रुपये के भाव पर बंद हुए। पिछले एक महीने के दौरान कंपनी के शेयरों में 10.35 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं साल 2022 की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 51.34 फीसदी की गिरावट आ चुकी है।