30 जून 2022 को समाप्त तिमाही रिलायंस के ऑयल- टू-केमिकल (O2C) कारोबार की अब तक की सबसे बेहतर तिमाही रही है
Reliance Industries Limited (RIL) ने एक और तिमाही में शानदार आय और मुनाफे के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी के ऑयल एंड केमिकल कारोबार से लेकर रिटेल कारोबार तक जोरदार तेजी देखने को मिली है। क्रूड की अंतराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी और एक्सपोर्ट में तेजी आने के चलते कंपनी के ऑयल बिजनेस में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। वहीं स्टोरों के नेटवर्क विकास के साथ इसके रिटेल कारोबार में भी जबरदस्त तेजी आई है और यह प्री-कोविड लेवल के ऊपर पहुंच गया है।
आइए डालते हैं कंपनी के अलग-अलग सेगमेंट के प्रदर्शन पर एक नजर
O2C कारोबार के लिए रही अब तक की सबसे बेहतर तिमाही
30 जून 2022 को समाप्त तिमाही रिलायंस के ऑयल- टू-केमिकल (O2C) कारोबार की अब तक की सबसे बेहतर तिमाही रही है। इस अवधि में कंपनी की रेवेन्यू और एबिटडा ऑल -टाइम -हाई पर रही है। पहली तिमाही में ऑयल- टू-केमिकल सेगमेंट की रेवेन्यू सालाना आधार पर 56.7 फीसदी बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये पर रही है। इसी तरह इस तिमाही की एबिटडा 62.6 फीसदी की बढ़त के साथ 19,888 करोड़ रुपये पर रही है।
ऑयल एंड गैस बिजनेस ने भरी जोरदार उछाल
30 जून 2022 को समाप्त तिमाही में RILके ऑयल एंड गैस सेगमेंट की रेवेन्यू 3,625 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। इसी तरह कंपनी के एबिटडा में भी जोरदार ग्रोथ देखने को मिली है और यह 2,737 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। इस अवधि में कंपनी को KG D6 और CBM ब्लॉक से निकाले गए गैस की मिली अच्छी कीमतों और KG D6 में उत्पादन में हुई बढ़त का फायदा मिला है। कंपनी ने बताया है कि KG D6 की गैस का औसत भाव पहली तिमाही में 9.72 डॉलर प्रति MMBTU रहा जो कि वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में 3.62 डॉलर प्रति MMBTU था।
रिटेल बिजनेस को लगे पंख
जून तिमाही में रिलायंस रिटेल की आमदनी में सालाना आधार पर 52 फीसदी की भारी उछाल आई है और यह 58,569 करोड़ रुपये रही। यह रिलायंस रिटेल का किसी एक तिमाही में दर्ज किया अब तक की सबसे अधिक आमदनी है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी की आमदनी 38,563 करोड़ रुपये था। वहीं मार्च तिमाही में कंपनी की आमदनी 58,019 करोड़ रुपये रही थी। इस तरह तिमाही आधार पर आमदनी में 1 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रिलायंस रिटेल का मुनाफा मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 114.2 फीसदी बढ़कर 2,061 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 962 करोड़ रुपये था। रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) ने मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 17,000 कर्मचारियों को नौकरी दी है। इन नए कर्मचारियों के साथ कंपनी में कुल कर्मचारियों की संख्या 3,79,000 पहुंच गई है।
रिलायंस रिटेल के ग्राहकों की संख्या जून तिमाही में 20 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई और तिमाही के अंत में यह 20.8 करोड़ रही। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के मुकाबले करीब 29 फीसदी अधिक है। इसके अलावा कंपनी ने इस दौरान 792 नए स्टोर्स खोले और अब कंपनी के खुल स्टोर्स की संख्या 15,866 पहुंच गई है, जो देश भर में 4.55 करोड़ स्क्वायर फीट में फैले हैं। रिलायंस रिटेल ने बताया कि उसके ऑफलाइन स्टोर्स के अलावा उसके डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन भी शानदार रहा है और यह सालाना आधार पर 64 फीसदी बढ़ा है। रिलायंस रिटेल के डिजिटल प्लेटफॉर्म में JioMart भी शामिल है, जिसे इसने हाल ही में लॉन्च किया है।
रिलायंस जियो के ARPU में जबरदस्त उछाल
रिलायंस जियो ने बताया है कि 30 जून 2022 को खत्म हुई तिमाही में कंपनी के ARPU पिछली तिमाही के 167.60 रुपये से बढ़कर 175.7 रुपये पर आ गई है। कंपनी के ARPU में तिमाही आधार पर 4.8 फीसदी और सालाना आधार पर 27 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। यह पूरी इंडस्ट्री में सबसे हाई लेवल है।
डेटा ट्रैफिक
इसके अलावा जियो का कुल डेटा ट्रैफिक पहली तिमाही के दौरान 25.9 अरब गीगाबाइट रहा। इसमें सालाना आधार पर 17.2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है । इसी तरह पहली तिमाही में वाइस ट्रैरिफ 1.25 ट्रिलियन मिनट रहा। इसमें सालाना आधार पर 17.2 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। जून तिमाही में कंपनी का कुल कस्टमर बेस 41.99 करोड़ रहा ।
मीडिया बिजनेस के लिए रही चुनौती
कंपनी ने कहा है कि कई कारणों से पहली तिमाही मीडिया बिजनेस के कुछ आंकड़ों में गिरावट देखने को मिली है। इस अवधि में मीडिया बिजनेस की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में सालाना आधार पर 10.4 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है और यह 1,340 करोड़ रुपये पर रहा है। लेकिन बढ़ती मंहगाई के कारण कंपनी के एडवरटाइजिंग रेवेन्यू पर निगेटिव असर पड़ा है। इसके अलावा नए टैरिफ ऑर्डर (NTO 2.0) के लागू होने में देरी के कारण सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू पर भी दबाव रहा।
कर्ज और कैश
रिलायंस ने कहा है कि कंसोलिडेटेड आधार पर देखें तो 30 जून 2022 तक कंपनी पर 2,63,382 (33.4 अरब डॉलर) का बकाया कर्ज है जबकि उसके पास 2,05,727 (26.1 अरब डॉलर) का कैश और कैश समरूप (कैश इक्यूवेलेंट) है। कंपनी ने यह भी बताया है कि 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही में कंपनी का पूंजी खर्च 31,442 करोड़ रुपये (4 अरब डॉलर ) रहा।