रिलायंस रिटेल की जून तिमाही में आय पिछली तिमाही के 58,019 करोड़ रुपये से बढ़कर 58,569 करोड़ रुपये रही
RELIANCE IND Q1 Results:रिलायंस इंडस्ट्रीज (RELIANCE IND) ने वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए है। 30 जून 2022 को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेट मुनाफा 17,955 करोड़ रुपये पर रहा है। जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 16,203 करोड़ रुपये पर रहा था।
30 जून 2022 को समाप्त हुई पहली तिमाही में कंपनी की कंसोलिडेटेड आय 2.19 लाख करोड़ रुपये रही है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 2.07 लाख करोड़ रुपये पर रही थी।
सालाना आधार पर देखें तो कंपनी का मुनाफा 46.3 फीसदी बढ़ा है। इसी तरह कंपनी की आय में सालाना आधार पर 54.5 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे है। एनालिस्ट का अनुमान था कि पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा 25,238.8 करोड़ रुपये रह सकता है जबकि आय के 2.4 लाख करोड़ रुपये पर रहने का अनुमान किया था।
तिमाही दर तिमाही आधार पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का पहली तिमाही का कंसोलिडेटेड एबिटडा 31,366 करोड़ रुपये से बढ़कर 37,997 करोड़ रुपये रहा है। जबकि एबिटडा मार्जिन तिमाही आधार पर 15.1 फीसदी से बढ़कर 17.3 फीसदी पर पहुंच गया है।
O2C बिजनेस
30 जून 2022 को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी के O2C कारोबार के आय 1.61 लाख करोड़ रुपये रही है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 1.45 लाख करोड़ रुपये पर रही थी।
इस अवधि में O2C बिजनेस की एबिट तिमाही आधार पर 12,386 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,016 करोड़ रुपये पर आ गई। जबकि O2C की एबिट मार्जिन पिछले तिमाही के 8.5 फीसदी से बढ़कर 11.1 फीसदी पर रही है।
ऑयल एंड गैस बिजनेस
तिमाही दर तिमाही आधार पर पहली तिमाही में कंपनी की ऑयल एंड गैस बिजनेस की आय 2,008 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,625 करोड़ रुपये रही है।
इसी तरह ऑयल एंड गैस बिजनेस की एबिट तिमाही आधार पर 946 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,089 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वहीं ऑयल एंड गैस बिजनेस की एबिट मार्जिन पिछली तिमाही के 47 फीसदी सेबढ़कर 58 फीसदी पर आ गई है।
पहली तिमाही में जियो का कंसोलिडेटेड मुनाफा 4,335 करोड़ रुपये पर रहा है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 4,173 करोड़ रुपये पर रहा था। वहीं वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में यह 3,501 करोड़ रुपये पर रहा था।
प्रतिशत में देखें तो वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में कंपनी के मुनाफे में तिमाही आधार 3.9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है । वहीं सालाना आधार पर इसमें 23.8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
पहली तिमाही में रिलायंस जियो की कंसोलिडेटेड आय 21,873 करोड़ रुपये पर रही है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 20,901 करोड़ रुपये पर रही थी। जबकि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनी की आय 17,994 करोड़ रुपये पर रही थी। कंपनी की आय में तिमाही आधार पर 4.7 फीसदी और सालाना आधार पर 21.6 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है।
पहली तिमाही में कंपनी की आय में हुई बढ़त में ARPU और सब्क्राइबर बेस में बढ़ोतरी का योगदान रहा है। 30 जून तक रिलायंस जियो का कुल सब्सक्राइबर बेस 41.99 करोड़ था। पहली तिमाही में रिलायंस जियो का ARPU 175.7 रुपये रहा है। इस अवधि में कंपनी का डाटा ट्रैफिक 27.2 फीसदी बढ़क 2590 करोड़ जीबी रहा है।
वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में रिलायंस जियो का कंसोलिडेटेड एबिटडा 10,964 करोड़ रुपये रहा है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 10,510 करोड़ रुपये पर रहा था। वित्त वर्ष 2022-23 की जून तिमाही में रिलायंस जियो का एबिटडा मार्जिन 50.13 फीसदी पर रहा है जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में 50.3 फीसदी पर रहा था।
वित्त वर्ष 2023 की जून तिमाही में कंपनी के रिटेल कारोबार की आय बढ़कर 58,569 करोड़ रुपये रही जबकि पिछली तिमाही में कंपनी की आय 58,019 करोड़ रुपये रही थी।
सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 114.2% बढ़कर 2,061 करोड़ रुपये रहा। वहीं सालाना आधार पर कंपनी की कंसोलिडेटेड आय 51.9% बढ़कर 58,554 करोड़ रुपये रही। इसके साथ सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA 97.8% बढ़कर 3,837 करोड़ रुपये रहा।
तिमाही आधार पर रिलायंस रिटेल का EBITDA बढ़कर 3,849 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछली तिमाही में कंपनी का EBITDA 3,712 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी की EBITDA मार्जिन पिछली तिमाही के 6.4% से बढ़कर 6.6% रही।
RIL के नतीजों पर बोलते हुए कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो पोलिटिकल संकट से एनर्जी मार्केट प्रभावित हुआ है। इस संकट से ट्रेडिशनल ट्रेड फ्लो प्रभावित हुआ है। कंपनी के O2C बिजनेस ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। चुनौतिपूर्ण स्थितियों में भी हम कॉम्पिटीटिव प्राइसिंग बरकरार रखने में कामयाब रहे हैं।
कंपनी को वर्तमान चुनौतिपूर्ण माहौल में मजबूत सप्लाई चेन इंफ्रा से मदद मिली है। पहली तिमाही में कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। हमारे डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म पर कस्टमरों की संख्या में मजबूती देखने को मिली है । रिलायंस जियो डेटा उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। मोबिलिटी और FTTH (फाइबर टू द होम) सब्सक्राइबर एडिशन में हमें बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
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