पिडिलाइट इंडस्ट्रीज (Pidilite Industries) का शेयर कल कारोबारी सत्र में कमजोर नतीजों की वजह से फिसल गया। शेयर का भाव 2% से ज्यादा नीचे पहुंच गया। कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में गिरावट आई है। कंज्यूमर बिजनेस की वॉल्यूम ग्रोथ ने भी निराश किया। तीसरी तिमाही के दौरान कंज्यूमर बिजनेस वॉल्यूम ग्रोथ अनुमान से कम 1% रही। जबकि कंज्यूमर बिजनेस वॉल्यूम ग्रोथ 3-4% रहने का अनुमान था। तीसरी तिमाही में पिडिलाइट के कमजोर नतीजों में कंपनी के मुनाफे में 14% की गिरावट देखने को मिली। इस दौरान कंपनी के EBITDA में 8 परसेंट की गिरावट रही। वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही में कंपनी की मार्जिन में भी दबाव देखने को मिला। Q3 नतीजे और आगे के आउटलुक पर पिडिलाइट के MD भरत पुरी ने हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ बात की।
Q3 में नतीजों पर दबाव देखने को मिला, क्या वजह रही
इसके जवाब में भरत पुरी ने कहा कि Q3 में नतीजे कंपनी के अनुमान के मुताबिक रहे। Q3FY22 में कंपनी ने 2 बार प्रोडक्ट कीमतें बढ़ाई थीं। Q3FY22 में कंपनी की 25% की ग्रोथ रही थी। पिछले 9 महीने की ग्रोथ 23-24% रही है। पिछले 9 महीने में वॉल्यूम ग्रोथ अच्छी रही। हमें Q4 में नतीजों में सुधार की उम्मीद है।
मार्जिन और सेल्स में क्यों गिरावट देखने को मिली
Pidilite Industries के एमडी भरत पुरी ने कहा कि इस बार Q3 में कच्चे माल के दाम में कमी आई है। लेकिन कंपनी ने ऊंचे दाम पर कच्चे माल की इंवेट्री की थी। जिससे मार्जिन और सेल्स में थोड़ी सुस्ती रही। लेकिन Q4, Q1FY24 में मार्जिन में सुधार दिखने की उम्मीद है। वैसे भी अब कच्चे माल के दाम स्थिर हो चुके हैं।
Q3 में वॉल्यूम ग्रोथ 1% रही, क्या वजह है
उन्होंने कहा कि इसका कारण ये समझ में आया कि ग्रामीण और सेमी-अर्बन क्षेत्रों में डिमांड काफी सुस्त रही। कंपनी को नए साल में डिमांड में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है। हमारा मानना है कि कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी बढ़ने से मांग को सपोर्ट मिलेगा।
क्या बड़े शहरों में भी डिमांड गिरना शुरू हो गई है
भरत पुरी ने कहा कि ऐसा नहीं कहा जा सकता क्योंकि रियल एस्टेट ग्रोथ का असर देरी से मांग पर दिखता है। प्रोजेक्ट बनने के बाद होम इंप्रूवमेंट प्रोडक्ट की मांग बढ़ती है। हमने देखा कि दिसंबर, जनवरी में बड़े शहरों में मांग ट्रेंड अच्छा देखने को मिला। वहीं पिछले 12 महीने में प्रीमियम सेगमेंट की मांग बेहतर रही है।