सरकार द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि मई में 16.8 फीसदी आउटपुट के बाद भारत में आठ प्रमुख सेक्टर्स ने पिछले महीने बढ़ोतरी दर्ज की। आंकड़ों से पता चलता है कि ये उछाल मुख्य रूप से कम बेस इफेक्ट और प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, स्टील, सीमेंट और बिजली के उत्पादन में आई बढ़ोतरी के कारण दर्ज किया गया है। मई में इस साल का प्रदर्शन पिछले साल की तुलना में ज्यादा बढ़ोतरी का संकेत देता है। उस दौरान सभी आठ सेक्टर्स में 21.4% का गिरावट आई थी।
इस गिरावट को Covid-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था में मंदी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इन आठ इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कोयला (Coal), कच्चा तेल (Crude Oil), प्राकृतिक गैस (Natural Gas), रिफाइनरी उत्पाद (Refinery products), उर्वरक (Fertilisers), इस्पात (Steel), सीमेंट (Cement) और बिजली (Electricity) शामिल हैं।
इस साल मार्च में इन प्रमुख क्षेत्रों में 11.4 फीसदी और अप्रैल में 60.9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई थी।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों से पता चला है कि मई में नेचुरल गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, स्टील, सीमेंट और बिजली के प्रोडक्शन में 20.1%, 15.3%, 59.3%, 7.9% और 7.3% की बढ़ोतरी हुई। पिछले साल मई में इन क्षेत्रों में क्रमशः 16.8%, 21.3%, 40.4%, 21.4% और 14.8% की कमी देखी गई।
समीक्षा वाले महीने के दौरान कोयला के प्रोडक्शन में भी 6.9% की वृद्धि हुई, जबकि पिछले साल के इसी महीने में 14% की नेगेटिव बढ़ोतरी हुई थी। समीक्षा वाले महीने के दौरान उर्वरक और कच्चे तेल के क्षेत्रों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चला है कि फरवरी में कोर सेक्टर में 4.6% की गिरावट आई थी, जो कोरोनोवायरस (Coronavirus) संक्रमण की दूसरी लहर के बीच एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में रिकवरी के अनिश्चित रास्ते को रेखांकित करता है।