Moonlighting: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी आईबीएम इंडिया (IBM India) के कर्मियों पर भी अब मूनलाइटिंग (Moonlighting) को लेकर तलवार लटकने लगी है। मूनलाइटिंग यानी कि एक कंपनी में रेगुलर काम करते हुए कहीं और भी काम करना है। इसे लेकर आईबीएम की भारतीय इकाई ने ने अपने कर्मियों को मूनलाइट को लेकर सावधान किया है।
इसे लेकर कंपनी ने अपने एंप्लॉयीज को इंटरनल मेल भेजा है। इसमें आईबीएम इंडिया के एमडी संदीप पटेल ने जोर देकर कहा है कि मूनलाइटिंग कंपनी के नजरिए और नीतियों के खिलाफ है। इसके अलावा अगर कोई व्यक्तिगत गतिविधियां ऐसी हैं जिससे कंपनी के हित प्रभावित होते हैं तो इसे लेकर भी कर्मियों को सावधान किया गया है।
इससे पहले भी पटेल बोल चुके हैं Moonlighting पर
आईबीएम इंडिया के एमडी ने पहली बार मूनलाइटिंग पर टिप्पणी नहीं की है बल्कि पिछले महीने सितंबर में कंपनी के फ्लैगशिप इवेंट 'Think 2022' में भी उन्होंने इसे लेकर विप्रो के चेयरमैन रिशद प्रेमजी के नजरिए का समर्थन किया था। प्रेमजी दोहरे एंप्लॉयमेंट यानी मूनलाइटिंग के खिलाफ हैं और इसे नैतिक तौर पर भी गलत कहा है।
कर्मियों को आईबीएम के एमडी ने जो मेल भेजा है, उसके मुताबिक एंप्लॉयीज को किसी भी अन्य जगह काम करने या कारोबार से जुड़ने के लिए पहले आईबीएम इंडिया से निकलना होगा और खासतौर पर तब, जब एंप्लॉयी प्रतिस्पर्धी कंपनी से जुड़े। संदीप पटेल ने कहा कि कर्मियों के शौक जैसे कि आर्ट, डांस और संगीत को लेकर कंपनी प्रोत्साहित करेगी लेकिन अगर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष किसी भी तरीके से कंपनी के हितों के खिलाफ कोई कर्मी काम करता है तो इसे कंपनी के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। संदीप के मुताबिक कंपनी के एंप्लॉयीज छोटा बिजनेस चला सकते हैं लेकिन कंपनी के वर्किंग ऑवर्स के दौरान नहीं।
Wipro ले चुकी है कड़ा एक्शन
इससे पहले आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys), विप्रो (Wipro), एचसीएल (HCL) और एलटीआई (LTI) भी मूनलाइटिंग का विरोध कर चुकी हैं। इंफोसिस अपने कर्मियों को इसे लेकर पहले ही चेतावनी का मेल भेज चुकी है। विप्रो के प्रेमजी के मुताबिक उन्होंने इसके चलते करीब 300 कर्मियों को कंपनी से बाहर निकाल दिया है जो फ्रीलांसर के तौर पर दूसरी आईटी कंपनियों के लिए काम कर रहे थे।