सरकरा ने IDBI Bank में हिस्सेदारी बेचने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इस साल अप्रैल तक IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए आवेदन (एक्सप्रेशंस ऑफ इंटरेस्ट) मंगा सकती है। IDBI Bank में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया की जांच रिजर्व बैंक कर चुका है। अब IDBI Bank में हिस्सेदारी बेचने का काम अगले 9 महीनों में पूरा हो सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार और देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC (जीवन बीमा निगम) IDBI Bank में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने वाली है। रिजर्व बैंक के नियमों के मुताबिक, किसी भी बैंक में प्रमोटर की हिस्सेदारी 26% से ज्यादा नहीं रह सकती है।
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी ने CNBC TV18 को बताया है, " प्राइवेट बैंक में प्रमोटर होल्डिंग की वजह से IDBI Bank में हिस्सेदारी बेचने का दबाव नहीं है। हमें पूरा भरोसा है कि IDBI Bank के लिए हमें बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी।"
फिलहाल IDBI Bank में सरकार की 45.58% और LIC की 49.24% हिस्सेदारी है। LIC बैंक का प्रमोटर है और मैनेजिंग कंट्रोल इसी के पास है।
21 जनवरी 2019 से IDBI Bank बीमा कंपनी LIC की सब्सिडियरी बन गई थी। तब LIC ने बैंक के 827,590,885 इक्विटी शेयर खरीदे थे। इस खरादारी के बाद बैंक में LIC की हिस्सेदारी बढ़कर 51% पहुंच गई थी।
हालांकि दिसंबर 2020 में IDBI Bank ने क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट के जरिए अतिरिक्त इक्विटी शेयर जारी किया जिससे LIC की हिस्सेदारी बैंक में घटकर 49.24% पर आ गई। इसके बाद LIC को एसोसिएट कंपनी के तौर पर रीक्लासीफाइड किया गया था।
LIC इस साल मार्च में लिस्ट होने वाली है। अपने आवेदन में कंपनी ने लिखा है कि किसी एसोसिएट कंपनी में इसके निवेश का कंपनी की वित्तीय स्थिति पर बुरा असर पड़ सकता है।
सुबह 11.30 पर IDBI Bank के शेयर 0.95% गिरकर 46.85 रुपए पर ट्रेड कर रहे थे। जबकि सेंसेक्स 21 अंक नीचे 57,811 पर ट्रेड कर रहे हैं।