IndiGo share price : हवाई जहाजों के बेड़े और बाजार हिस्सेदारी के नजरिए से भारत की सबसे बड़ी घरेलू एयर लाइन इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पीटर एल्बर्स ने 6 नवंबर को कहा है कि वह इंडिगो के जहाजों के इंजन बनाने वाली कंपनी प्रैट एंड व्हिटनी (P&W)से जहाजों के इंजनों के निरीक्षण की समय-सीमा के बारे में स्पष्टीकरण मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इस निरीक्षण के दौरान कंपनी के जहाजों को खड़ा कर दिया जाएगा। बता दें कि पिछले हफ्ते, इंडिगो ने कहा था कि उसे उम्मीद है कि जनवरी 2024 से प्रैट एंड व्हिटनी के नए एयरबस A320neo मॉडल के इंजन में दिक्कत के कारण जहाजों की ग्राउंडिंग में बढ़ोतरी होगी।
एल्बर्स ने 6 नवंबर को हुए एक राउंड टेबल चर्चा में कहा कि कंपनी पाउडर मेटल समस्या के समाधान के लिए इंजनों के नीरीक्षण की समयसीमा पर स्पष्टता के लिए प्रैट एंड व्हिटनी के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल पाउडर मेटल की समस्या के कारण विमानों की ग्राउंडिंग के सटीक समय या अवधि के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। कंपनी पर इसका कितना असर होगा इस बारे में भी अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि पी एंड डब्ल्यू आने वाले कुछ महीनों में विमानों के नीरीक्षण की अवधि और तिथि के बारे में जानकारी देगी।
क्या है P&W इंजन वाले विमानों में पाउडर मेटल की समस्या?
प्रैट एंड व्हिटनी (P&W) की मदर कंपनी, आरटीएक्स कॉर्प (RTX Corp) ने सितंबर में घोषणा की थी कि वह अपने इंजन निरीक्षण का दायरा बढ़ाएगी। पाउडर मेटल की समस्या का खुलासा कंपनी ने पहली बार जुलाई में किया था। कंपनी का कहना है कि ये समस्या कुछ लोकप्रिय प्रैट एंड व्हिटनी गियर वाले टर्बोफैन इंजनों को बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पाउडर मेटल में खराबी के कारण पैदा हुई है। यह खराबी इंजन में दरार का कारण बन सकती है। आरटीएक्स ने कहा है कि उसके शुरुआती पूर्वानुमान से परे लगभग 600 से 700 इंजनों को 2026 तक जांच और मरम्मत की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
नए एयरबस A320neo मॉडल में इस्तेमाल किया गया प्रैट एंड व्हिटनी टरबाइन इंजन खराब कलपुर्जो के साथ बनाया गया है। इससे सैकड़ों विमान खड़े हो जाएंगे और GTF-पावर्ड एयरबस A320neos का लगभग पूरा बेड़ा इससे प्रभावित होगा।
कंपनी का अनुमान है कि अगले साल से 2026 तक हर साल औसतन 350 एयरबस ए320 कटेगरी के विमानों को खड़ा किया जाएगा। एयरलाइन ने आगे कहा कि उसे उम्मीद है कि इस समस्या के समाधान पर 7 अरब डॉलर तक की लागत आएगी। इंडिगो के चीफ फाइनेंशियल ऑफीसर (सीएफओ) गौरव नेगी का कहना है कि जनवरी 2024 से इंजन संबंधी समस्याओं के कारण इंडिगो के विमान ज्यादा बड़ी संख्या में खड़े किए जाएंगे।
बता दें की वर्तमान में इंडिगो के बेड़े में 334 विमान शामिल है। इनमें से 176 विमान समस्याग्रस्त A320neo मॉडल के हैं। इस समय P&W इंजन की इस दिक्कत के कारण 40 से ज्यादा विमान खड़े हैं। इंडिगो को P&W के PW1100G गियर वाले टर्बोफैन (GTF) इंजन से लैस अपने विमानों को 250-300 दिनों तक के लिए खड़ा करना होगा ताकि इन इंजनों की मरम्मत की जा सके।