GST चोरी मामले में हाई कोर्ट जा सकती है Infosys, एक्सपर्ट्स का दावा- कंपनी के पक्ष में हैं नियम

Infosys GST Evasion: इंफोसिस कथित जीएसटी चोरी के मामले कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियम भी कंपनी के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई कानून और उदाहरण हैं, जिनके आधार पर इंफोसिस के लिए जीएसटी विभाग के किए सभी दावों को खारिज करना आसान होगा

अपडेटेड Aug 06, 2024 पर 11:50 AM
Infosys GST Evasion: इंफोसिस अनुच्छेद 226 के तहत सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है

Infosys GST Evasion: इंफोसिस कथित जीएसटी चोरी के मामले कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर रही है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि नियम भी कंपनी के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि ऐसे कई कानून और उदाहरण हैं, जिनके आधार पर इंफोसिस के लिए जीएसटी विभाग के किए सभी दावों को खारिज करना आसान होगा। बता दें कि जीएसटी इटेंलीजेंस के डायरेक्टोरेट जनलर (DGGI) ने बीते 31 जुलाई को इंफोसिस को 32,000 करोड़ के कथित टैक्स चोरी के मामले में एक प्री-शो कॉज नोटिस जारी किया था। यह टैक्स डिमांड नोटिस सभी के लिए हैरान करने वाला था क्योंकि इंफोसिस की गिनती देश की सबसे अच्छे कॉरपोरेट गवर्नेंस वाली कंपनियों में होती है।

अगर GST डिपार्टमेंट कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है, तो इंफोसिस इस मामले सामान्य प्रक्रिया को दरकिनार कर अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दाखिल करके सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है। भारतीय संविधान का यह अनुच्छेद आमतौर पर हाईकोर्ट को मौलिक अधिकारों को लागू करने या उनके अधिकार क्षेत्र के भीतर किसी अन्य उद्देश्य के लिए आदेश और निर्देश जारी करने का अधिकार देता है।

बीएसएम लीगल के पार्टनर रूपेंद्र सिंहमार ने कहा, "पूरी संभावना है कि वे (इंफोसिस) इस मामले में कोई और कदम उठाने की जगह, जून 2024 के सर्कुलर और अन्य तथ्यात्मक पहलुओं से सीख लेते हुए इसे सीधे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।"


सिंहमार ने बताया कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम्स (CBIC) ने 26 जून को एक सर्कुलर जारी किया था, जिसमें कहा गया है कि अगर मुख्य ऑफिस (हेड ऑफिस) ने सेवाओं के मामले में कोई चालान जारी नहीं किया है, तो इसे 'हेड ऑफिस बाय ब्रांच ऑफिस (BO) को शून्य' माना जाएगा।

इंडिपेंडेंट टैक्स एक्सपर्ट लक्ष्मी रत्न कंचेरला ने कहा, "इंफोसिस सालों से इस मॉडल पर काम कर रही है और अच्छे चांस हैं कि वह कोर्ट में इस मामले को जीत जाएगी।"

इस बीच सुबह 11.20 बजे के करीब, इंफोसिस के शेयर 0.95 फीसदी की तेजी के साथ 1,768.60 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इस साल की शुरुआत से अबतक कंपनी के शेयरों में करीब 14 फीसदी की तेजी आई है। वहीं पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को करीब 27 फीसदी का रिटर्न दिया है।

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