स्टॉक मार्केट्स में 5 अगस्त को आई गिरावट ने निवेशकों को डरा दिया। हालांकि, 6 अगस्त को आई रिकवरी से निवेशकों ने राहत की सांस ली है। सवाल है कि आखिर यह गिरावट क्यों आई? यह बिल्कुल वैसा ही है कि जब सबकुछ सामान्य दिख रहा होता है आप समुद्र में जाते हैं, लेकिन अचानक पैरों तले बालू खिसकने से आपको डर लगने लगता है। बाजार की सबसे बड़ी चिंता अमेरिका है। पिछले हफ्ते रोजगार से जुड़े डेटा आने के बाद ऐसा लग रहा है कि फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट घटाने में देर कर दी।
फेडरल रिजर्व पर इंटरेस्ट रेट घटाने में देरी के आरोप
पिछले कई महीनों से अमेरिका में इकोनॉमी से जुड़े डेटा कभी अच्छे तो कभी खराब आए हैं। इससे इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद कर रहे लोगों का इंतजार बढ़ा है। फेड (Federal Reserve) इंटरेस्ट रेट घटाने से पहले इस बात को लेकर आश्वस्त होना चाहता था कि इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ रही है। वह जल्दबाजी में इंटरेस्ट रेट में कमी कर अपनी विश्वसनीयता को खतरे में नहीं डालना चाहता था। कोविड की महामारी के बाद इंटरेस्ट रेट बढ़ाने में फेडरल रिजर्व की तरफ से देर हुई थी। दरअसल, उसे लगा था कि इनफ्लेशन में उछाल थोड़े समय के लिए है। इस बार उस पर इंटरेस्ट घटाने में सुस्ती के आरोप लग रहे हैं।
अमेरिकी इकोनॉमी की रफ्तार सुस्त पड़ने के संकेत
अमेरिका में फिर से मंदी की आहट महसूस होने लगी है। ING की रिपोर्ट में बताया गया है कि बेरोजगारी दर बढ़कर 4.3 फीसदी पर पहुंच गई है। उधर, बैंक ऑफ जापान ने इंटरेस्ट रेट बढ़ाया है। इससे निक्केई में बड़ी गिरावट आई। येन कैरी ट्रेड एक बार फिर फोकस में आ गया है। इससे 1998 की याद ताजा हो गई है, जब ट्रेडर्स के येन कैरी ट्रेड में पॉजिशन घटाने से एशियाई बाजार क्रैश कर गए थे। बैंक ऑफ जापान ने इंटरेस्ट रेट भी बढ़ाया है। अमेरिकी लेबर मार्केट के डेटा के बाद येन में भी मजबूती देखने को मिली है।
बुल मार्केट और बेयर मार्केट का अंदाजा लगाना मुश्किल
सवाल है कि अमेरिका में मंदी का डर कितना सही है? रॉबर्स आर्म्स्ट्रॉन्ग का मानना है कि इस डर को बढ़ाचढ़ा कर दिखाया जा रहा है। अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े डेटा का मतलब अलग-अलग तरह से निकाला जा सकता है। लेकिन, रिटेल इनवेस्टर्स को यह समझने की जरूरत है कि यह बताना बहुत मुश्किल है कि कब बुल मार्केट शुरू होगा और कब बेयर मार्केट आएगा। बुल मार्केट में आपने निवेश किया तो आपको मौके खोने का डर रहता है। लेकिन, बेयर मार्केट में अगर आपने निवेश कर दिया तो आपका पैसा डूब सकता है। सवाल है कि आपको क्या करना चाहिए?
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निवेशकों को क्या करना चाहिए?
दरअसल, यह अपने पोर्टफोलियो पर करीबी नजर डालने का सही वक्त है। आपको यह देखने की जरूरत है कि इक्विटी और डेट के बीच आपका एसेट एलोकेशन क्या है। शेयरों में आपका कितना निवेश ज्यादा रिस्क वाले स्टॉक्स में है। उदाहरण के लिए कुछ समय पहले अमेरिकी मार्केट में तेजी में सेमीकंडक्टर्स और एआई से जुड़ी कंपनियों का बड़ा हाथ था। लेकिन, अब स्थिति बदल गई है। क्या आपने ऐसे सेक्टर या थीम में निवेश किया है, जहां से कमाई के लिए आपको कई साल तक इंतजार करना पड़ेगा?