जिंदल स्टील एंड पावर (Jindal Steel & Power (JSPL) ने 9 दिसंबर को एक्सचेंज को दिये गये लिखित स्पष्टीकरण में मनीकंट्रोल की उस ब्रेकिंग स्टोरी की पुष्टि की है जिसमें यह जानकारी दी गई थी कि जेएसपीएल मोनेट पावर (Monnet Power) के अंगुल प्लांट का 410 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करेगा। कंपनी ने यह भी बताया है कि यह सौदा आईबीबीआई लिक्विडेशन प्रोसेस रेग्युलेशन, 2016 (IBBI (Liquidation process) Regulation, 2016) की शर्तों के तहत किया जा रहा है। इस सौदे की तहत जेएसपीएल शेयरों का अधिग्रहण नहीं करेगी। मनीकंट्रोल को सूत्रों के हवाले से ये जानकारी भी मिली थी कि अडानी पावर भी इस प्लांट को अधिग्रहित करने की दौड़ में शामिल था।
कंपनी ने आगे बताया कि यह अधिग्रहण स्लम्प सेल (slump sale) आधार पर किया जा रहा है। बता दें कि स्लम्प सेल के तहत किसी एसेट का अधिग्रहण किसी उस कंपनी के तमाम दूसरें दायित्वों के बिना किया जाता है।
गौरतलब है कि 8 दिसंबर को मनीकंट्रोल ने ये खबर ब्रेक की थी कि JSPL ने इन्सॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रक्रिया (insolvency resolution process) के तहत मोनेट पावर के एक निर्माणाधीन पावर प्लांट को 410 करोड़ रुपये में अधिग्रहित करने के लिए करार किया है।
यह 1050 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट ओडिशा के अंगुल जिले के मालिब्राह्मणी (Malibrahmani in the Angul district of Odisha) में स्थित है। यह प्लांट कोयले से चलता है। इसकी बिक्री के लिए 2 नवंबर 2022 को नीलामी की गई थी। इस नीलामी का रिजर्व प्राइस 400 करोड़ रुपये था। जेएसपीएल इस प्लांट में बनी बिजली का इस्तेमाल अंगुल स्थित अपने स्टील प्लांट को चलाने के लिए करेगा। यह भी बता दें कि जेएसपीएल के उत्कल सी, बी1 और बी2 कोयले की खदानें भी इसी प्लांट के करीब स्थित हैं।
पीटीआई से बात करते हुए जेएसपीएल के Head of Strategy कपिल मंत्री ने कहा "यह सौदा 7 दिसंबर को पूरा हो गया है। हमने एनसीएलटी के जरिये मोनेट पावर के पावर प्लांट को खरीदने के लिए लगाई गई बोली 410 करोड़ रुपये में जीत ली है। इस नये पावर प्लांट से पैदा होने वाली बिजली का उपयोग जेएसपीएल के अंगुल स्थित स्टील प्लांट को ऑपरेट किया जायेगा। अंगुल स्थित इस प्लांट का विस्तार किया जा रहा है।"