इन 10 अहम फैक्टर्स पर अगले हफ्ते बाजार में ट्रेडर्स और इनवेस्टर्स की रहेंगी नजरें
एक्सपर्ट्स के मुताबिक खुदरा महंगाई के मोर्चे पर सरकार को कुछ राहत मिलेगी। कच्चे तेल, खाने पीने की चीजों के दाम में गिरावट का असर खुदरा महंगाई पर देखने को मिल सकता है। अगर खुदरा महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलती है तो बाजार को इससे सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा इंडस्ट्रियल आउटपुट, थोक महंगाई आंकड़े आयेंगे जिन पर बाजार की नजरें रहेंगी
कल से शुरू होने वाले हफ्ते में Alstone Textiles (India), CL Educate और Gloster एक्स बोनस ट्रेड करेंगे। इनके अलावा कल एक नये शेयर Uniparts India की लिस्टिंग होने वाली है
शुक्रवार 9 दिसंबर को खत्म हुए हफ्ते में बाजार पिछले हफ्ते की सारी बढ़त को गंवाते हुए एक प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी के साथ बंद हुआ। पिछला हफ्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी बाजार को कोई राहत मिलती नजर नहीं आई थी। मॉनेटरी पॉलिसी को लेकर आरबीआई का सतर्क नजरिया, वैश्विक मंदी की आशंका और यूएस फेड की अगले हफ्ते होने वाली मीटिंग कुछ ऐसी वजहें रहीं जिसके चलते बाजार के निवेशक और ट्रेडर्स सतर्क नजर आये। बाजार जानकारों का कहना है कि सोमवार 12 दिसंबर से शुरू होनेवाले हफ्ते में भी बाजार में कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है।
इस हफ्ते काफी अहम इवेंट हैं जिनको ध्यान में रखते हुए ट्रेडर्स और निवेशक सावधानीपूर्ण नजरिया अपना सकते हैं।
Religare Broking के अजीत मिश्रा का कहना है कि भारतीय बाजार काफी हद तक ग्लोबल बाजारों जैसा ही प्रदर्शन कर रहे हैं। आगे इसमें कंसोलिडेशन जारी रहने के संकेत नजर आ रहे हैं।
अगले हफ्ते ये कुछ बड़े इवेंट्स हैं जो बाजार का रुख तय करने में अहम भूमिका निभायेंगे
1. खुदरा महंगाई (CPI Inflation)
सोमवार यानी कल देश के खुदरा महंगाई (CPI Inflation) के आंकडे़ आने वाले हैं। जानकारों का अनुमान है कि खुदरा महंगाई के मोर्चे पर सरकार को कुछ राहत मिलेगी। कच्चे तेल, खाने पीने की चीजों के दाम में गिरावट का असर खुदरा महंगाई पर देखने को मिल सकता है। ये अक्टूबर के 6.77 प्रतिशत से घट कर नीचे आ सकती है। अगर खुदरा महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलती है तो बाजार को इससे सपोर्ट मिलेगा।
सीपीआई के अलावा इसी हफ्ते सोमवार को अक्टूबर महीने के इंडस्ट्रियल आउटपुट और बुधवार को नवंबर महीने के थोक महंगाई आंकड़े आयेंगे जिन पर बाजार की नजरें रहेंगी। वहीं गुरूवार बैलेंस ऑफ ट्रेड आंकड़े भी आयेंगे। इस पर बाजार की निगाहें रहेंगी।
2. एफओएमसी बैठक (FOMC Meet)
इस समय ग्लोबल बाजार की नजर यूएस फेड की FOMC की मीटिंग पर लगी हुई है। इसके नतीजे बुधवार की रात को आयेंगे। अधिकांश एक्सपर्ट की राय है कि यूएस फेड अपने इस बैठक में ब्याज दरों में 0.50 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर सकता है। बतादें कि FOMC की पिछली बैठक में अमेरिका ने ब्याज दरों में 0.75 प्रतिशत की वृद्धि की थी। बाजार की नजर महंगाई और ब्याज दर पर फेड की कमेंट्री पर रहेगी। इसके अलावा अगले हफ्ते गुरूवार को यूरोपियन सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंग्लैंड भी अपनी ब्याज दरें घोषित करेंगी। इससे भी बाजार का रुख तय होगा।
अगले हफ्ते नवंबर महीने के महंगाई आकंड़े मंगलवार की शाम को आयेंगे। अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमेरिका में महंगाई में थोड़ी नरमी देखने को मिलेगी। इसके अलावा यूरोजोन और इंग्लैंड के महंगाई के आंकड़े आयेंगे जो बाजार की दिशा तय करेंगे।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट निश्चित तौर पर भारत के लिए एक वरदान है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों पर बाजार के भागीदारों की नजरें रहेंगी। अगर कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट होती है तो पेंट, टायर और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को अच्छा फायदा मिलेगा।
5. विदेशी संस्थागत निवेशकों की चाल (FII Flow)
पिछले महीने अच्छी खरीदारी करने के बाद FII एक बार फिर से भारत के बाजारों में बिकवाली करते नजर आ रहे हैं। दिसंबर महीने में अब तक FII ने 5,600 करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की है। इस बिकवाली की वजह मंदी की आहट है। हालांकि इस बीच भारतीय बाजारों को घरेलू संस्थागत निवेशकों से काफी बड़ा सपोर्ट मिला है। दिसंबर महीने में अब तक DII ने 7,000 करोड़ रुपये की खरीदारी की है। ऐसे में भारतीय बाजार में FII का एक्शन बाजार की चाल में अहम भूमिका निभायेगा।
6. आईपीओ (IPO)
12 तारीख से शुरू होने वाले हफ्ते में प्राथमिक बाजार में भी काफी हलचल देखने को मिलेगी। इस हफ्ते 1800 करोड़ रुपये से ज्यादा के 3 आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेंगे। इनमें Sula Vineyards, Abans Holdings और Landmark Cars के नाम शामिल हैं।
इनके अलावा सोमवार को एक नये शेयर Uniparts India की लिस्टिंग होने वाली है।
7. टेक्निकल व्यू (Technical View)
निफ्टी ने डेली चार्ट पर बेयरिश Engulfing pattern बनाया है। इसमें 18,600-18,700 के जोन में रेजिस्टेंस नजर आ रहा है। इसके ऊपर जाने पर ये 18,887 के स्तर तक चढ़ सकता है।
HDFC Securities के देवर्ष वकील ने कहा कि निफ्टी में नीचे की तरफ 18,410 का स्तर ब्रेक होने पर इसमें और बिकवाली देखने को मिलेंगी। जबकि ऊपर की तरफ 18,600-18,650 के स्तर पर रेजिस्टेंस नजर आ रहा है।
वायदा बाजार से मिल रहे संकेतों पर नजर डालें तो ऑप्शन डेटा से संकेत मिलता है कि निफ्टी के लिए 18,500-18,800 के जोन में पहला रेजिस्टेंस नजर आ रहा है। इसी जोन में सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग देखने को मिली है। वहीं 18,300 और 18,000 निफ्टी के लिए बड़े सपोर्ट के रूप में नजर आ रहा है। ऐसे में आनेवाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी हमें 18,300-18,900 के बड़े रेंज में घूमता नजर आ सकता है।
9. इंडिया विक्स (India VIX)
वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स इस समय 15 के नीचे स्थिर नजर आ रहा है। लगभग एक महीने से ये 13-15 के बीच दिख रहा है। ऐसे में बाजार स्थितियां बुल्स के लिए अभी भी अनुकूल बनी हुई हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंडिया विक्स को देखते हुए लगता है कि बाजार में किसी बड़ी गिरावट का जोखिम नहीं हैं।
10. कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action)
अगले हफ्ते Alstone Textiles (India), CL Educate और Gloster एक्स बोनस ट्रेड करेंगे। जबकि Star Housing Finance एक्स बोनस के साथ ही एक्स स्प्लिट भी ट्रेड करेगा।
(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )