महिंद्रा का बड़ा दांव, स्कोडा ऑटो इंडिया में खरीद सकती है 50% हिस्सेदारी, 1 अरब डॉलर होगी डील की वैल्यू

भारत की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) जल्द ही स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन के भारतीय कारोबार का 50 प्रतिशत हिस्सा खरीद सकती है। दोनों पक्ष इस समझौते के लिए बातचीत आखिरी चरण में हैं और अगले कुछ हफ्तों में इस डील पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। मनीकंट्रोल को इस मामले से सीधे वाकिफ सूत्रों ये जानकारी मिली है

अपडेटेड Oct 24, 2024 पर 11:16 AM
Skoda Auto के भारतीय बिजनेस की वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर आंकी गई है

भारत की दूसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) जल्द ही स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन (Skoda Auto Volkswagen) के भारतीय कारोबार का 50 प्रतिशत हिस्सा खरीद सकती है। दोनों पक्ष इस समझौते के लिए बातचीत आखिरी चरण में हैं और अगले कुछ हफ्तों में इस डील पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। मनीकंट्रोल को इस मामले से सीधे वाकिफ सूत्रों ये जानकारी मिली है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन, जर्मनी की दिग्गज ऑटो कंपनी है। सूत्रों ने बताया कि M&M के साथ समझौते के लिए इसके भारतीय बिजनेस की वैल्यूएशन करीब 1 अरब डॉलर आंकी गई है।

इस सौदे के लेन-देन में कैश और इक्विटी दोनों का मिश्रण शामिल हो सकता है। हालांकि सौदे की विस्तृत रूपरेखा अभी सामने आनी बाकी है।

M&M को डील से क्या होगा फायदा?

यह डील M&M और स्कोडा दोनों के लिए अहम साबित हो सकती है। यह डील दोनों कंपनियों के मौजूदा उत्पादन क्षमताओं को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद करेगी। M&M और स्कोडा दोनों के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग प्लांट पुणे के चाकन में हैं। M&M की सालाना उत्पादन क्षमता 8.4 लाख कारों की है, जबकि स्कोडा ऑटो सालाना 1.8 लाख कारों का उत्पादन कर सकती है। इस अधिग्रहण से दोनों कंपनियां अपने प्लांट का अधिकतम इस्तेमाल कर पाएंगी।


इसके अलावा इस अधिग्रहण से M&M को स्कोडा ऑटो के हैचबैक और सेडान मॉडल्स तक पहुंच मिल जाएगी, जिस सेगमेंट M&M को अबतक सफलता नहीं मिली थी। खासतौर पर, इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन में यह सौदा अहम हो सकता है, क्योंकि दोनों कंपनियों के बीच इलेक्ट्रिक वाहन प्लेटफॉर्म के लिए पहले से ही एक समझौता है।

को-ब्रांडिंग प्रोडक्ट उतारने की भी चर्चा

दोनों कंपनियों के बीच यह भी चर्चा हो रही है कि क्या M&M इस अधिग्रहण के जरिए स्कोडा ऑटो के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल को-ब्रांडिंग और को-लेबलिंग प्रोडक्ट उतारने में करेगा? मामले से वाकिफ एक सूत्र ने कहा, "ये बातचीत अभी तक सफल नहीं हुई है, हालांकि वे इस समय बड़ी डील-ब्रेकर नहीं हो सकती हैं।"

स्कोडा ऑटो के डील का कारण

हाल के सालों में स्कोडा ऑटो भारतीय बाजार में संघर्ष कर रही है। वित्त वर्ष 2024 में, कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 69 प्रतिशत घटकर केवल 96 करोड़ रुपये रह गया। घरेलू बाजार में कम बिक्री और कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत इसके प्रमुख कारण थे। इसके चलते स्कोडा ऑटो को भारतीय बाजार में अपना एक पार्टरन तलाशने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

इससे पहले जुलाई 2024 में स्कोडा ऑटो ने M&M और JSW के साथ संभावित साझेदारी पर चर्चा की थी। हालांकि दोनों कंपनियों के साथ वैल्यूएशन पर मतभेद होने के कारण समझौता नहीं हो सका। लेकिन M&M की ओर से बेहतर प्रस्ताव और कैश भुगतान की संभावना को देखकर कंपनी इस डील पर आगे बढ़ रही है।

स्कोडा ऑटो के ग्लोबल CEO क्लॉस जेलमर ने जुलाई में कहा था कि कंपनी भारत में एक पार्टनर के लिए बातचीत कर रही है, जिससे उसे इंजीनियरिंग, बिक्री और खरीदारी में विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।

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