किसी कंपनी में 22 साल बिताने के बाद उसे छोड़ना आसान नहीं होता है। राजेश गोपीनाथन (Rajesh Gopinathan) ने TCS में 22 साल बिताने के बाद इसके सीईओ और एमडी पद से इस्तीफा दे दिया है। इमोशनल नजर आ रहे गोपीनाथन की पहली प्रतिक्रिया थी, "यह दिन मेरे लिए मिलेजुले अहसास वाला है।" TCS ने 16 मार्च की शाम गोपीनाथन के इस्तीफे की जानकारी दी। कंपनी ने कहा कि वह 15 सितंबर से कंपनी के सीईओ की जिम्मेदारी से फ्री हो जाएंगे। के कृतिवासन (K Krithivasan) कंपनी के नई सीईओ होंगे। 15 सितंबर से पहले गोपीनाथन नेतृत्व परिवर्तन में कृतिवासन की मदद करेंगे। गोपीनाथन ने यह भी कहा कि वह सितंबर के बाद अपने परिवार के साथ ज्यादा समय बिताएंगे। वह आराम से बैठ यह तय करेंगे कि आगे उन्हें क्या करना है।
जो भी सीखा टाटा ग्रुप में ही सीखा
गोपीनाथन ने कहा, "यह सब तब करना ठीक नहीं होता, जब मेरे पास करने के लिए इतने ही जरूरी दूसरे काम हैं।" उन्होंने कहा कि टाटा ग्रुप ऐसी जगह है, जहां मैने वह सबकुछ सीखा जो आज मैं जानता हूं। उन्हें टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन से बहुत कुछ सीखने और समझने को मिला।
मीडिया के सवालों के जवाब देना सबसे मुश्किल काम
आम तौर पर कम बोलने वाले गोपीनाथन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने बारे में कई बातें बताईं। उन्होंने कहा कि अंतिम बार मैंने अपने रिज्यूमे तब तैयार किया था, जब मैं एमबीए कर रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि एक दशक से हर तिमाही से मीडिया के सवालों के जवाब देना उनके लिए सबसे मुश्किल काम रहा है। उन्होंने कहा, "मैं आपको बता नहीं सकता है कि मैं कितना खुश और हल्का महसूस कर रहा हूं। एक हफ्ता पहले तक मेरे पास बिल्कुल समय नहीं था। पिछले 48 घंटे मुझे फ्री करने के लिहाज से बहुत अहम हैं। मुझे अभी नहीं पता कि मैं आगे क्या करने जा रहा हूं।"
मैं ग्रेट एडवाइजर बन सकता हूं
यह पूछने पर कि क्या अब वे एडवायजरी रोल में होंगे, उन्होंने कहा, "कार खरीदने से बहुत पहले सड़क पर चलते हुए कार वालों को देखकर मैं सोचता था कि कार खरीदी हैं, रोड थोड़ी ना खरीदी है। और मैं जहां मर्जी वहां वॉक करता था। जब आप कार चलाना शुरू कर देते हैं तो पैदल चलने वाले लोगों के बारे में आपकी सोच बदल जाती है। इसी तरह जब मैं ऑपरेशनल रोल में था तब हर तरह के एडवायजर्स को नापसंद करता था। यह अब मजेदार होगा, क्योंकि मैं एक ऐसा ग्रेट एडवाइजर बन सकता हूं जिसका इंतजार दुनिया कर रही है।"
टीसीएस ने कई मील के पत्थर पार किए
इस्तीफे की टाइमिंग के बारे में गोपीनाथन ने कहा, "नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत से पहले ऐसा करना जरूरी था ताकि नए सीईओ को चीजों को समझने के लिए पूरा समय मिल जाए।" उन्होंने कहा कि हम उतार-चढ़ाव को संभालने में सफल रहे हैं कंपनी ने कई मील के पत्थर पार किए हैं। उन्होंने कहा, "हम क्राइसिस के वक्त एक साथ आए और टीम की तरह एक साथ बने रहे। हम फिर से ऐसा करेंगे।" उन्होंने यह भी बताया कि वह चंद्रशेखरन के साथ कभी-कभी अपने इस्तीफे के बारे में बातचीत करते थे। उन्होंने कहा, "एक दिन आप उठते हैं और आपको लगता है कि अब बहुत हो गया और मेरे साथ ऐसा एक हफ्ते पहले हुआ।"