रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) बोली मामले में कल का दिन काफी अहम है। कल मामले पर कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (Committee of Creditors) का फैसला आ सकता है। कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने नीलामी के लिए 6,500 करोड़ रुपये की निचली मूल्य सीमा तय की थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के एक आदेश के अनुसार कर्जदाताओं को 31 जनवरी, 2023 तक रिलायंस कैपिटल का रिजोल्यूशन प्रोसेस पूरा करना है। अब इस प्रोसेस में कल का दिन काफी अहम माना जा रहा है। सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए कहा कि रिलायंस कैपिटल मामले में कल CoC का फैसला संभव है। जबकि NCLT 12 जनवरी को मामले में टोरेंट ग्रुप का पक्ष सुनेगा।
क्या है रिलायंस कैपिटल बोली मामला
इंडियन डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज होल्डिंग कंपनी रिलायंस कैपिटल कर्ज में डूबी हुई है। इसके रिजोल्यूशन के लिए की बोली प्रक्रिया 21 दिसंबर को पूरी हुई। इस बोली में टोरेंट इन्वेस्टमेंट ने 8640 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाई है। उसके बाद यानी कि टोरेंट के पीछे हिंदुजा ग्रुप ने 8110 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।
यतिन मोता ने आगे कहा कि कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के लिए बोली प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी ऑफर मिलते हुए दिखे। इसके तहत 22 दिसंबर को हिंदुजा ग्रुप ने अपनी बोली बढ़ा दी। हिंदुजा ग्रुप ने इसके लिए 8,950 करोड़ रुपये का ऑफर दिया। जबकि टोरेंट की बोली में अपफ्रंट कैश सबसे ज्यादा था।
हिंदुजा के नये ऑफर के बाद ये मामला तूल पकड़ता हुआ दिखा। इस मामले पर एक्सपर्ट का मानना है कि हिंदुजा की नई बोली से प्रक्रिया लेट हो सकती है। यहां तक कि ये मामला और उलझ सकता है। हालांकि बिनानी, DHFL की तरह रिलायंस कैपिटल की बोली प्रक्रिया पारदर्शी है। बता दें कि SREI मामले में नई बोली CoC ने पहले ही खारिज की थी।