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रिलायंस कैपिटल बोली मामले में कल का दिन काफी अहम, कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स का आ सकता है फैसला

सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने कहा कि हिंदुजा के नये ऑफर के बाद इस मामले पर एक्सपर्ट का मानना है कि हिंदुजा की नई बोली से प्रक्रिया में विलंब हो सकता है। इसकी वजह से ये मामला और उलझ सकता है। बता दें कि बिनानी, DHFL की तरह रिलायंस कैपिटल की बोली प्रक्रिया भी पारदर्शी है। जबकि CoC ने SREI मामले में नई बोली पहले ही खारिज कर दी थी

Yatin Motaअपडेटेड Jan 10, 2023 पर 3:03 PM
रिलायंस कैपिटल बोली मामले में कल का दिन काफी अहम, कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स का आ सकता है फैसला
रिलायंस कैपिटल मामले में कल CoC का फैसला आ सकता है जबकि NCLT इस मामले में टोरेंट ग्रुप का पक्ष 12 जनवरी को सुनेगा

रिलायंस कैपिटल (Reliance Capital) बोली मामले में कल का दिन काफी अहम है। कल मामले पर कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (Committee of Creditors) का फैसला आ सकता है। कमिटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने नीलामी के लिए 6,500 करोड़ रुपये की निचली मूल्य सीमा तय की थी। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के एक आदेश के अनुसार कर्जदाताओं को 31 जनवरी, 2023 तक रिलायंस कैपिटल का रिजोल्यूशन प्रोसेस पूरा करना है। अब इस प्रोसेस में कल का दिन काफी अहम माना जा रहा है। सीएनबीसी-आवाज़ के यतिन मोता ने इस खबर पर ज्यादा डिटेल बताते हुए कहा कि रिलायंस कैपिटल मामले में कल CoC का फैसला संभव है। जबकि NCLT 12 जनवरी को मामले में टोरेंट ग्रुप का पक्ष सुनेगा।

क्या है रिलायंस कैपिटल बोली मामला

इंडियन डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विसेज होल्डिंग कंपनी रिलायंस कैपिटल कर्ज में डूबी हुई है। इसके रिजोल्यूशन के लिए की बोली प्रक्रिया 21 दिसंबर को पूरी हुई। इस बोली में टोरेंट इन्वेस्टमेंट ने 8640 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाई है। उसके बाद यानी कि टोरेंट के पीछे हिंदुजा ग्रुप ने 8110 करोड़ रुपये की बोली लगाई है।

बोली के बाद की कहानी

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