Starbucks ने लक्षमण नरसिम्हन को नया सीईओ नियुक्त किया है। नरसिम्हन का जन्म और पढ़ाई-लिखाई इंडिया में हुई है। 55 साल के नरसिम्हन को कंज्यूमर इंडस्ट्री का व्यापक अनुभव है। वह स्टारबक्स में Howard Schultz की जगह लेंगे। उनकी नियुक्ति इंडियन प्रोफेशनल्स पर मल्टीनेशनल कंपनियों के बढ़ते भरोसे का सबूत है। Starbucks अमेरिकी कंपनी है। इंडिया सहित कई देशों में इसकी कॉफी चेन है।
नरसिम्हन 1 अक्टूबर से Starbucks के हिस्सा बन जाएंगे। लेकिन, वह सीईओ की जिम्मेदारी अप्रैल से संभालेंगे। उसके बाद Schultz नरसिम्हन के एडवाइजर होंगे। नरसिम्हन रेकिट बेनकाइजर ग्रुप में शीर्ष पद पर थे। वह पेप्सीको में भी काम कर चुके हैं।
उन्होंने 1993 से 2012 तक मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म McKinsey में काम किया। फिर वह दिल्ली स्थित इस कंपनी के लोकेशन मैनेजर और डायरेक्टर बन गए। 2012 में उन्होंने पेप्सिको ज्वाइन किया। इस कंपनी में वह चीफ कमर्शियल ऑफिसर के पद तक पहुंचे। वह पेप्सिको लैटिन अमेरिका के सीईओ भी रहे। 2019 में वह Reckitt Benckiser के सीईओ बने। रेकिट बेनकाइजर दुनिया की बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनियों में से एक है।
नरसिम्हन ने पब्लिक सेक्टर में भी कई प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया है। ये प्रोजेक्ट्स स्किल बिल्डिंग और एजुकेशन से जुड़े थे। वह अमेरिकन नॉन-प्रॉफिट फॉरेन पॉलिसी एसोसिएशन एंक ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के फेलो हैं। यह एक थिंकटैंक है। रेकिट बेनकाइजर ने उनके बारे में लिखा है, "ब्रांड और कंज्यूमर आधारित स्ट्रैटेजी डेवलप करने और डिजिटल इनोवेशन में उनका शानदार रिकॉर्ड रहा है।"
स्टारबक्स के नए सीईओ की पढ़ाई-लिखाई महाराष्ट्र के पुणे में हुई है। उनका जन्म भी पुणे में हुआ। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह विदेश चले गए। जर्मनी में उन्होंने मास्टर्स की पढ़ाई की। अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवैनिया के व्हार्टन स्कूल से उन्होंने फाइनेंस में एमबीए किया।
नरसिम्हन दुनिया की बड़ी कंपनियों के टॉप भारतवंशी एग्जिक्यूटिव्स की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। पहले से माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला, अल्फाबेट के सुंदर पिचाई, एडोबी के शांतनु नारायण, डेलॉयट के पुनीत रंजन और फेडेक्स के राज सुब्रमण्यम इस लिस्ट के हिस्सा हैं।