टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications), एनवीडिया के साथ पार्टनरशिप के जरिये AI क्लाउड से जुड़ी डील हासिल करने के लिए अपने एंटरप्राइज कस्टमर्स से बात कर रही है। कंपनी की योजना इस सिलसिले में जल्द ट्रायल भी शुरू करने की है। टाटा कम्युनिकेशंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ एएस लक्ष्मीनारायणन ने बताया, 'हम AI क्लाउड को लॉन्च करने के लिए हरमुमकिन कोशिश कर रहे हैं और यह इस साल के आखिर तक ट्रायल के लिए तैयार हो जाएगा। इस दिशा में चल रहे काम को लेकर हम काफी उत्साहित हैं। हमने बातचीत भी शुरू कर दी है और इस सिलसिले में न सिर्फ भारत बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी दिलचस्पी देखने को मिल रही है।'
कंपनी को मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर के उद्यमों से ज्यादा दिलचस्पी देखने को मिल रही है। लक्ष्मीनारायणन का कहना था, ' बैंक ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। खास तौर पर सीधे तौर पर ग्राहकों से जुड़ी प्रक्रियाओं में वे ऐसा कर रहे हैं। दरअसल, बैंक AI संबंधित फैसलों में भरोसा सुनिश्चित करना चाहते हैं। अगर कुछ गलत होता है, तो वे यह नहीं कह सकते कि AI जैसी चीजों ने ग्राहक के लिए मॉर्गेज नहीं दिया। उन्हें इसके लिए जिम्मेदार होना पड़ेगा। हालांकि, बैंक बैक-ऑफिस ऑपरेशन में AI के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं, जहां अपेक्षाकृत कम जोखिम है।'
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्लाउड (AI क्लाउड) के जरिये टाटा कम्युनिकेशंस घरेलू बाजार के कोर कस्टमर्स के अलावा, विदेशी बाजारों से भी ग्राहकों को लाने पर विचार करेगी। टाटा कम्युनिकेशंस, नेक्स्ट जेनरेशन एनवीडिया GH200 ग्रेस हॉपर सुपरचिप आधारित AI क्लाउड तैयार कर रही है। एनवीडिया ने AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेटफॉर्म मुहैया कराने के लिए टाटा ग्रुप के साथ व्यापक समझौते का ऐलान किया था।
कंपनी न सिर्फ ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) खरीद रही है, बल्कि आर्किटेक्चर को दुरुस्त करने और डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए उसे इंजीनियरिंग संबंधी काम करने की भी जरूरत होगी। लक्ष्मीनारायणन का कहना था कि ज्यादातर उद्यमों का AI संबंधी मौजूदा खर्च कामकाज में दखल के बजाय ट्रेनिंग पर आधारित है। हालांकि, अगले कुछ साल में यह ट्रेंड बदलेगा।