नमक से लेकर ऑटोमोबाइल तक का बिजनेस करने वाले टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की लीडरशिप में बड़ा बदलाव किया जा सकता है। टाटा संस में कॉरपोरेट गवर्नेंस को बेहतर बनाने के लिए एक चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति करने पर विचार किया जा रहा है।
इस बदलाव के लिए टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन रतन टाटा की स्वीकृति महत्वपूर्ण होगी।
टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन का कार्यकाल अगले वर्ष फरवरी में समाप्त हो रहा है और उन्हें एक्सटेंशन मिल सकता है। CEO की पोस्ट के लिए टाटा स्टील सहित टाटा ग्रुप की कंपनियों के हेड्स का भी आकलन किया जा रहा है।
रतन टाटा की अगुवाई में दो दशक से अधिक तक एक्सपैंशन करने के बाद टाटा ग्रुप में बड़े बदलाव की कोशिश हो रही है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि रतन टाटा (83) के बाद टाटा ट्रस्ट्स का चेयरमैन किसे बनाया जाएगा।
टाटा ग्रुप की डिजिटल सेगमेंट में बिजनेस बढ़ाने की योजना अभी तक ज्यादा आगे नहीं बढ़ी है।
एशिया की सबसे बड़े सॉफ्टवेयर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज होने के बावजूद अपने कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के लिए एक ई-कॉमर्स ऐप लॉन्च करने की ग्रुप की योजना में भी देरी हो रही है।
टाटा ग्रुप के पास लगभग 100 बिजनेस और दो दर्जन से अधिक लिस्टेड कंपनियां हैं और इसका कुल वार्षिक रेवेन्यू लगभग 110 अरब डॉलर से अधिक का है।