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CCI की पेनल्टी के बाद UBL के शेयर्स को लेकर इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए

कंपनी पर बीयर की बिक्री और सप्लाई में गुटबाजी करने के कारण जुर्माना लगाया गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 28, 2021 पर 6:10 PM
CCI की पेनल्टी के बाद  UBL के शेयर्स को लेकर इनवेस्टर्स को क्या करना चाहिए

कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) ने पिछले सप्ताह यूनाइटेड ब्रुवरीज लिमिटेड ( UBL), कार्ल्सबर्ग, ऑल इंडिया ब्रुवर्स एसोसिएशन और 11 व्यक्तियों पर बीयर की बिक्री और सप्लाई में गुटबाजी करने के लिए जुर्माना लगाया था। इस मार्केट में UBL बड़ी कंपनियों में से एक है।

दुनिया की सबसे बड़ी बीयर कंपनी हेनेकेन की UBL में 72.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

ब्रोकरेज फर्म ICICI direct ने कहा है, "UBL और बीयर इंडस्ट्री को पिछले कुछ वर्षों से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी को पेनल्टी जमा करने के लिए और कर्ज लेना होगा। इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ जाएगा।"

हालांकि, CCI के फैसले के खिलाफ UBL की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपील की जा सकती है।

कंपनी के सामने मुश्किलों के बावजूद ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बीयर के मार्केट में संभावना मौजूद है। हालांकि, इसके साथ ही कंपनी के शेयर के लिए इसने टारगेट प्राइस घटाकर 1,400 रुपये कर दिया है।

मोतीलाल ओसवाल ने पिछले सप्ताह कहा था कि कंपनी के स्टॉक पर कोई अनुमान देने से पहले वह पेनल्टी के भुगतान की समयसीमा की जानकारी मिलने का इंतजार करेगी। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी के स्टॉक पर सेल रेटिंग को बरकरार रखा है।

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