Yes Bank CEO Prashant Kumar : प्राइवेट सेक्टर का लेंडर यस बैंक अपनी स्ट्रेस्ड एसेट की जेसी फ्लॉवर्स को बिक्री नवंबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद कर रहा है। बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव और एमडी प्रशांत कुमार ने गुरुवार, 3 नवंबर को रिपोर्टर्स से बातचीत के दौरान कहा, संकटग्रस्त 48,000 करोड़ रुपये के लोन्स नवंबर तक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) को ट्रांसफर हो जाएंगे।
गौरतलब है कि ये पूरा एनपीए उसके कोफाउंडर राणा कपूर की अगुआई वाले पुराने मैनेजमेंट द्वारा दिए गए लोन हैं। कपूर को बाद में कुछ अनियमितताओं के आरोप में अरेस्ट कर लिया गया था। लोन के ट्रांसफर से बैंक का ग्रॉस एनपीए रेश्यो 2 फीसदी से कम हो जाएगा, जो फिलहाल 12.89 फीसदी के स्तर पर है।
ग्रोथ की राह पर है यस बैंक
उधर, यस बैंक (Yes Bank) के एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार ने एक कार्यक्रम में कहा कि यस बैंक ग्रोथ के रास्ते पर अच्छी तरह से बढ़ रहा है। लाइबिलिटीज के नजरिए से देखें तो यस बैंक की ग्रोथ रेट इंडस्ट्रीज से बेहतर है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट में वर्तमान लेवल से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। लेकिन इससे पहले मार्जिन पर कोई असर नहीं पड़ेगा क्योंकि लोन रेट्स में भी बढ़ोतरी जारी रहेगी।
आरबीआई के अप्रूवल की जरूरत नहीं
प्रशांत कुमार ने यह भी कहा कि यस बैंक को एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी (ARC) में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए आरबीआई के अप्रूवल की कोई जरूरत नहीं है। हम एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी में पहले 9.99 फीसदी हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए निवेश करेंगे और उसके बाद अपने हिस्सेदारी में बढ़ोतरी करने के लिए आरबीआई में आवेदन करेंगे।