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ZEE ने इनवेस्को के खिलाफ खटखटाया बॉम्बे HC का दरवाजा, EGM बुलाने की मांग को बताया अवैध

ZEE एंटरटेनमेंट का बोर्ड पहले ही निवेशकों की मांग पर EGM बुलाने से इनकार कर चुका है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 03, 2021 पर 3:37 PM
ZEE ने इनवेस्को के खिलाफ खटखटाया बॉम्बे HC का दरवाजा, EGM बुलाने की मांग को बताया अवैध

Zee Entertainment Enterprises और उसके निवेशकों के बीच जारी लड़ाई ने शनिवार को एक नया मोड़ ले लिया। ZEE एंटरटेनमेंट अपनी सबसे बड़ी शेयरहोल्डर इनवेस्को और OFI ग्लोबल चाइना फंड के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंच गई है और उसनेइन दोनों निवेशकों की ओर से की गई EGM बुलाने की मांग को "गैरकानूनी और अमान्य" बताया। ZEE ने रेगुलेटर को भेजे एक डॉक्यूमेंट में यह जानकारी दी।

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को ZEE एंटरटेनमेंट के बोर्ड ने दोनों निवेशकों की मांग पर EGM बुलाने से इनकार कर दिया था। इनवेस्को और OFI ग्लोबल चाइना फंड ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पुनीत गोयनका सहित तीन डायरेक्टरों को निकालने, 6 नए डायरेक्टरों को नियुक्त और कुछ अन्य मांगों को लेकर एक्सट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) बुलाने की मांग की थी।

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हालांकि ZEE के बोर्ड ने शुक्रवार को इस मांग को अस्वीकार कर दिया और इसे "अवैध और अनुचित" बताया। ZEE के बोर्ड ने कहा, "सभी शेयरधारकों और हितधारकों सहित, व्यापक रूप से कंपनी के हित को देखते हुए, हम आपकी मांग पर EGM बुलाने में असमर्थता व्यक्त करते हैं।"

इससे एक दिन पहले नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इनवेस्को की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि ZEE के बोर्ड को नियमों के तहत EGM बुलाने की मांग पर जरूर विचार करना चाहिए।

हालांकि ZEE का कहना है कि इनवेस्को ने कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO पुनीत गोयनका और दो डायरेक्टरों- अशोक कुरियन और मनीष चोखानी सहित को निकालने की मांग को लेकर EGM बुलाने की मांग की थी। इसमें से कुरियन और चोखानी ने पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में इनवेस्को की EGM बुलाने की मांग अब "अनावश्यक" है।

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