इनकम टैक्स डिपार्टमेंट पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए रिटर्न दाखिल करने के दौरान सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी के कारण लगाए गए अतिरिक्त इंटरेस्ट और लेट फीस का टैक्सपेयर्स को रिफंड देगा। पिछले फाइनेंशियल ईयर के लिए रिटर्न फाइल करने की अंतिम तिथि इस वर्ष 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 सितंबर की गई है।
हालांकि, कुछ टैक्सपेयर्स की शिकायत थी कि 31 जुलाई के बाद इनकम टैक्स रिटर्न भरने पर उन्हें लेट फीस चुकानी पड़ी है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने बताया है कि ITR सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी को अगस्त की शुरुआत में ही ठीक कर दिया गया था। इस गड़बड़ी से इंटरेस्ट का गलत कैलकुलेशन हो रहा था। डिपार्टमेंट ने कहा है कि टैक्सपेयर्स को इसके नए वर्जन का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
अगर किसी ने पहले ही रिटर्न दाखिल कर दी है और उसे गलत इंटरेस्ट या लेट फीस चुकानी पड़ी है तो रिटर्न को प्रोसेस करने के दौरान अतिरिक्त राशि का रिफंड दिया जाएगा।
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण भी रिटर्न दाखिल करने के नए सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी का मुद्दा उठा चुकी हैं। इसके बाद इस सॉफ्टवेयर को तैयार करने वाली इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि ने कहा था कि कंपनी इसे ठीक करने के लिए काम कर रही है।
इंफोसिस को दो वर्ष पहले नए इनकम टैक्स फाइलिंग सिस्टम को डिवेलप करने का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था।