केंद्र सरकार के नए आदेश के मुताबिक आज 16 जून से सोने पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दिया है। यानी अब ज्वैलर्स बिना हॉलमार्किंग वाले सोने की ज्वैलरी नहीं बेच पाएंगे। सरकार के इस फैसले से पुरानी ज्वैलरी बेचने वाले ग्राहकों के लिए बड़ा सवाल खड़ कर दिया है कि क्या वह अपनी पुरानी बिना हालमार्क वाली ज्वैलरी ज्वैलर्स को बेच पाएंगे।
सरकार ने कहा कि ज्वैलर्स पुरानी बिना हालमार्क वाली ज्वैलरी ग्राहकों से खरीद सकते हैं। ताकि, मैन्युफैक्चर्स, होलसेलर, ज्वैलरी को कुछ समय मिल जाए। अगस्त तक कोई पेनल्टी नहीं लगाई जाएगी। पुरानी ज्वैलरी को हालमार्क किया जा सकता है। अगर ज्वैलर पुरानी ज्वैलरी को गलाकर नई बनाते हैं, तो उसे हालमार्क किया जा सकात है।
हॉलमार्किंग से सबसे ज्यादा फायदा ग्राहकों को होता है। इससे ग्राहक सोने की खरीदारी के वक्त होने वाली धोखाधड़ी से बच जाते हैं। केंद्र सरकार ने ज्वैलरी बेचने के लिए नई व्यवस्था को लागू करने के लिए एक समिति भी बनाई है। यह समिति इस व्यवस्था को लागू करने में आने वाली दिक्कतों को भी सुलझाने का काम करेगी।
सोने पर हॉलमार्किंग का नियम पूरे देश में आज से चरणबद्ध तरीके लागू की जानी है। शुरुआत में देश के 256 जिलों में इसे लागू किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अगस्त 2021 तक किसी तरह की पेनाल्टी नहीं ली जाएगी। साथ ही 40 लाख रुपये तक के सालाना कारोबार वाले ज्वैलर्स को अनिवार्य हॉलमार्किंग से छूट दी जाएगी।