Monkey B Virus से चीन में पहले इंसान की मौत, जानिए क्या है ये खतरनाक वायरस

बीजिंग के रहने वाले पशु चिकित्सक को मितली और उल्टी की शिकायत होने लगी थी

अपडेटेड Jul 19, 2021 पर 1:37 PM
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कोरोना वायरस से जूझ रही पूरी दुनिया के सामने अब मंकी बी (Monkey B Virus -BV) वायरस  का खतरा पैदा हो गया है। चीन में इस वायरस से संक्रमित मिले पहले व्यक्ति की बीजिंग में मौत हो गई।

चीनी सीडीसी वीकली (China CDC Weekly) रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च की शुरुआत में 2 बंदरों का ऑपरेशन किया था। इसके बाद से यह पशु चिकित्सक इस वायरस की चपेट में आ गए थे।

मार्च में बंदरों का ऑपरेशन करने के बाद 53 साल के पशु चिकित्सक (veterinarian) को मितली और उल्टी (nausea and vomiting) होने लगी थी। इसके एक महीने बाद उन्हें उल्टी, बुखार और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं होने लगी थीं। डॉक्टर ने कई अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन 27 मई को उनकी मौत हो गई। इस बात का खुलासा चाइना सीडीसी वीकली ने शनिवार को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में किया है।

अप्रैल के मध्य के आसपास रिसर्चर्स ने मरीज से कुछ तरल पदार्थों का टेस्ट किया था। इसके बाद नतीजों में अल्फाहेपेस्वायरस इन्फेक्शन (alphaherpesvirus infection) की बात सामने आई थी।

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इसके बाद रिसर्चर्स ने आगे के टेस्ट के लिए खून, गले का स्वैब, नाक का स्वैब आदि के सैंपल जुटाए। इन सैंपल्स को चीन के नेशनल इंस्टीट‌‌्यूट फॉर वायरल डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (National Institute for Viral Disease Control and Prevention - IVDC)  में भेजा गया था। IVDC ने सैंपल के चार टेस्ट किए थे। ये टेस्ट मंकी बी, वैरिसेला जोस्टर वायरस (varicella-zoster virus -VZV), मंकीप्रॉक्स वायरस (monkeypox virus और ऑर्थोपोक्सवायरस (orthopoxvirus) के लिए किए गए थे। हालांकि इसमें केवल मंकी बी वायरस ही पॉजिटिव पाया गया।


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ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रोगी के सभी करीबी संपर्कों में आए लोगों का टेस्ट किया गया। जिनमें सैंपल नेगेटिव आए हैं। लिहाजा वो सभी सुरक्षित हैं।

जानिए क्या है मंकी बी वायरस

मंकी बी वायरस को सबसे पहले 1932 में पहचाना गया था और ये एक तरह का जीनस मैकाका के मैकाक्स में एक अल्फाहर्पीसवायरस एनजूटिक है। ये भी कोरोना वायरस की तरह ही संक्रमण फैलाने में सक्षम होता है और इंसान से इंसान में भी फैलता है। चाइना सीडीसी वीकली रिपोर्ट के मुताबिक, इससे संक्रमित लोगों में मृत्यु दर 70 से 80 फीसदी है। यानी अगर 100 लोग इस वायरस की चपेट में आते हैं तो करीब 70 से 80 लोगों की मौत हो सकती है। ऐसे हालात में कोरोना के बीच ही इस वायरस से निपटना चीन के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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