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Bird Flu: एवियन फ्लू का बढ़ा खतरा, क्या अंडा खाना है सुरक्षित? यहां जानें पूरी डिटेल

Bird Flu: देश और दुनियाभर में बर्ड फ्लू का खतरा बना रहता है। इंसानों में बर्ड फ्लू आमतौर पर तब फैलता है जब आप संक्रमित पक्षी, उसके मल या बिस्तर को छूते हैं। वहीं संक्रमित पोल्ट्री को मारते हैं या पका कर खाते हैं। तब संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में अंडा खाना कितना सुरक्षित है, आइये जानते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 24, 2025 पर 1:38 PM
Bird Flu: एवियन फ्लू का बढ़ा खतरा, क्या अंडा खाना है सुरक्षित? यहां जानें पूरी डिटेल
Bird Flu: वैज्ञानिकों का कहना है कि अंडों के जरिए वायरस के संपर्क में आने का जोखिम कम रहता है।

दुनिया भर में बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। कभी HMPV वायरस का खतरा तो कभी कोरोना की तरह के नए वायरस का खतरा बना रहता है। वहीं बर्ड फ्लू का खतरा भी बना रहा है। बर्ड फ्लू को हो एवियन इन्फूएंजा कहते हैं। यह पक्षियों में होने वाला एक वायरल रोग है। यह बीमारी पक्षियों के अलावा कुछ अन्य जानवरों को भी प्रभावित कर सकती है। हालांकि, यह बहुत कम ही इंसानों को संक्रमित करती है। इस बीच अमेरिका बर्ड फ्लू का कहर जारी है। ऐसे में अंडा खाना सेहत के लिए सुरक्षित रहेगा या नहीं। इसकी चिंता बढ़ गई है।

दरअसल, सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) ने टेक्सास में एक व्यक्ति ने एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) यानी बर्ड फ्लू से संक्रमित होने की पुष्टि की थी। जानकारी के मुताबिक H5N1 वायरस से संक्रमित गायों के संपर्क में आने से व्यक्ति बर्ड फ्लू की चपेट में आया। इंसानों में इस वायरस के मिलने के बाद से भी इसे लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है। इसे लेकर वैज्ञानिक चेतावनी जाहिर कर चुके हैं कि बर्ड फ्लू नई महामारी की वजह बन सकता है। यह कोविड से 100 गुना ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

अंडे से बर्ड फ्लू का जोखिम बेहद कम – एक्सपर्ट्स

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अंडे को छूने या खाने से बर्ड फ्लू होने का जोखिम बहुत कम रहता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंडों को भी पूरी तरह पकाना चाहिए। ताकि इसमें मौजूद जर्म्स नष्ट हो जाएं। जब तक अंडे का जर्दी और इसका सफेद हिस्सा ठोस होकर पक न जाए। तब तक इसे नहीं खाना चाहिए। ऐसा करके खाने से संक्रमण का जोखिम कम होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाई टेंपरेचर पर पकाए जाने से वायरस नष्ट हो जाते हैं। हालांकि, कच्चे या अधपके अंडे का सेवन करने से समस्या पैदा हो सकती है। इसकी वजह ये है कि यह वायरस कच्चे अंडे की जर्दी के भीतर जीवित रहने में सक्षम हो सकता है।

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