Cancer: शरीर में बनी हर गांठ कैंसर नहीं होती, कैंसर गांठ के बारे में कैसे पता चलेगा? जानिए लक्षण और बचाव

Cancer Lump: कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो पूरी दुनिया में चिंता का विषय बनी हुई है। खासकर भारत में पिछले कुछ समय से इस जानलेवा बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में समय रहते इसकी पहचान करना बेहद जरूरी है। बहुत से लोग शरीर के अंग में किसी भी गांठ को कैंसर मान लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है

अपडेटेड Feb 24, 2025 पर 11:36 AM
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Cancer Lump: बिना कैंसर वाली अधिकतर गांठ मुलायम और चिकनी होती है। जबकि कैंसर वाली गांठें सख्त और ठोस होती हैं।

कैंसर (Cancer) एक जानलेवा बीमारी है। हालांकि इसका इलाज संभव है लेकिन फिर भी हर लाखों लोगों की मौत कैंसर के वजह से होती है। भारत में पिछले कुछ समय से इस जानलेवा बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में इसके प्रति जागरूक रहना बेहद जरूरी है। साल 2023 में देश में इस बीमारी के 14 लाख से अधिक नए मामले आए थे। कैंसर के अधिकतर केस आखिरी स्टेज में सामने आते हैं। इसका कारण यह है कि लोगों को बीमारी के लक्षणों का पता नहीं होते हैं। कैंसर के मामलों में शरीर में ट्यूमर ( गांठ) भी बनती है। लेकिन क्या हर गांठ कैंसर की होती है? इसका पता कैसे करें?

कैंसर शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। शरीर में अलग-अलग तरह के कैंसर होते हैं। शरीर में बनी कई तरह की गांठ कैंसर हो सकती है। शरीर में बनी ब्रेस्ट में गांठ, गर्दन की गांठ, अंडकोष की गांठ, रीढ़ की हड्डी में गांठ और पेट की गांठ कैंसर की गांठ हो सकती है। इसके अलावा गले में बनी गांठ टेस्टिकुलर कैंसर की गांठ हो सकती है।

हर गांठ कैंसर नहीं होती – एक्सपर्ट


हेल्थ से जुड़े जानकारों का कहना है कि शरीर में बनी हर गांठ कैंसर नहीं होती है। शरीर में गांठ कई तरह की होती है। इनमें ज्यादातर गांठे जीवन के लिए खतरा नहीं होती हैं। किसी संक्रमण या चोट के कारण त्वचा के नीचे फ्लूइड से भरी थैलियां बन सकती हैं। इसको सिस्ट कहते हैं। यह गांठ जैसा दिखता है, लेकिन ये कैंसर वाली नहीं होती है। कुछ मरीजों में बैक्टीरियल संक्रमण के कारण ये सूजन भरी गांठें होती हैं। यह दर्दनाक और लाल हो सकती हैं। लेकिन ऐसी गांठों के प्रति घबराने की जरूरत नही है। जानकारों का कहना है कि हार्मोन में बदलाव की वजह से भी शरीर में गांठें होती हैं। महिलाओं की छाती में गांठें बन सकती हैं। ऐसी गांठें पीरियड्स के दौरान घटती-बढ़ती रहती हैं। इनको फाइब्रोसिस्टिक कहते हैं। ऐसी गांठ कैंसर की नहीं होती हैं। ये समय से साथ खुद ही खत्म हो जाती हैं।

कैंसर की गांठ की कैसे करें पहचान?

हेल्थ से जुड़े जानकारों का कहना है कि बिना कैंसर वाली ज्यादातर गांठें मुलायम और चिकनी होती हैं। वहीं कैंसर वाली गांठें सख्त और ठोस होती हैं। अगर गांठ की त्वचा का रंग बदले और उसमें गड्ढे पड़ना या अल्सर जैसा है तो यह कैंसर की गांठ हो सकती है। वहीं अगर गांठ के साथ अचानक वजन कम होने लगे। लगातार बुखार बना रहे और हमेशा थकान बने रहने की समस्या है। तब ऐसी स्थिति में फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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