Get App

Cancer: रोजाना सुबह एक कटोरी खाएं दही, कैंसर समेत कई बीमारियों की हो जाएगी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा

Benefits of Eating Curd: गर्मी में दही को पेट के लिए वरदान माना गया है। कुछ लोग नाश्ते में दूध या उससे बनी चीजें खाते हैं, लेकिन सुबह नाश्ते में या फिर खाली पेट दही खाना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है। एक स्टडी में खुलासा हुआ कि नियमित रूप से दही खाने से आंत के कैंसर का खतरा कम होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 18, 2025 पर 11:27 AM
Cancer: रोजाना सुबह एक कटोरी खाएं दही, कैंसर समेत कई बीमारियों की हो जाएगी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा
Benefits of Eating Curd: दही में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन और अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) होते हैं। जिससे कई बीमारियों से बचने में मदद मिलती है।

दही पोषक तत्वों का एक पावरहाउस है। जिसे रोजाना खाने से सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। यह फर्मेंटेशन प्रोसेस से बनता है, जिसमें लैक्टोबैसिलस एसपी, लैक्टोकोकस एसपी, और स्ट्रेप्टोकोकस एसपी जैसे बैक्टीरिया शामिल होते हैं। यह बैक्टीरिया दूध में लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदल देते हैं। दही में विटामिन C मौजूद होने से ये इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं दही स्किन लिए काफी फायदेमंद होता है। हाल ही में एक रिसर्च में खुलासा हुआ है कि नियमित रूप से दही का सेवन करने से आंत के कैंसर का खतरा कम होता है। स्टडी में कहा गया है कि हफ्ते में कम से कम दो बार दही खाने से बिफीडोबैक्टीरियम पॉजिटिव ट्यूमर होने की संभावना 20 फीसदी कम थी।

दही में कैल्शियम, विटामिन B-12, विटामिन B-2, मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। अगर दही और चीनी को एक साथ खाया जाए तो इसके कई फायदे होते हैं। गर्मियों में दही और चीनी खाने से पेट स्वस्थ रहता है। दही और चीनी खाने से शरीर को अच्छी मात्रा में ग्लूकोज मिलता है। जिससे तुरंत ऊर्जा मिलती है। दही पचने में भी आसान होता है। दूध के मुकाबले दही जल्दी पचता है।

दही के सेवन से कैंसर का खतरा कम

एक नई स्टडी में कहा गया है कि जो लोग नियमित रूप से दही का सेवन करते हैं। उनमें कोलोरेक्टल कैंसर (आंत से जुड़ा कैंसर) होने का खतरा कम हो सकता है। कोलोरेक्टल कैंसर दुनिया में तीसरा सबसे आम कैंसर है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, हर 10 में से 1 कैंसर का मामला इसी से जुड़ा होता है। यह कई कारणों से हो सकता है। बैठे-बैठे ज्यादा समय बिताना, धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन, मोटापा और गलत खानपान, प्रोसेस्ड मीट ज्यादा खाना और फलों-सब्जियों की कमी से कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा बना रहता है। ऐसे में अगर लोग ताजा फल-सब्जियां, साबुत अनाज, डेयरी उत्पाद और फाइबर से भरपूर खाना खाते हैं, तो कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा कम हो सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें