आज के दौर में सिगरेट और चॉकलेट दोनों ही बेहद लोकप्रिय हैं, खासकर युवाओं के बीच। सिगरेट को तो सभी जानते हैं कि ये स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है और इससे कैंसर जैसे गंभीर रोग हो सकते हैं। लेकिन चॉकलेट को आमतौर पर एक मासूम मिठाई और खुशी का प्रतीक माना जाता है, जिसे प्यार जताने के लिए भी दिया जाता है। हालांकि, इस मासूम सी लगने वाली चीज में छुपा है एक बड़ा खतरा। चॉकलेट में पाए जाने वाला प्रोसेस्ड शुगर आपके स्वास्थ्य पर सिगरेट से भी अधिक बुरा प्रभाव डाल सकता है। शुगर की लत और इसके दुष्प्रभाव हमारे शरीर को धीरे-धीरे कमजोर करते हैं।
वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, अधिक शुगर का सेवन मोटापे, डायबिटीज़ और हृदय रोगों का कारण बन सकता है। इसलिए सिर्फ सिगरेट ही नहीं, चॉकलेट और शुगर युक्त चीजों के सेवन पर भी नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है।
सिगरेट छोड़ना तो संभव है, लेकिन शुगर से बचना आसान नहीं। क्योंकि शुगर आजकल हर खाने-पीने की चीज में मिलाई जाती है। चाहे वो आइसक्रीम हो, बिस्कुट या चॉकलेट। शुगर दो तरह की होती है – नेचुरल शुगर जो फल और डेयरी में होती है, वो नुकसान नहीं पहुंचाती। लेकिन जो प्रोसेस्ड शुगर है, यानी जो खाने में मिलाई जाती है, वो सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।
फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के शोध में पाया गया है कि मोटापे से ग्रसित लोगों का जंक फूड की ओर आकर्षण उसी तरह होता है जैसे नशेड़ी लोगों का नशे की ओर। प्रोसेस्ड शुगर और फैट मस्तिष्क के 'रीवार्ड सेंटर' को सक्रिय करते हैं, जिससे हमें बार-बार मीठा खाने की चाह होती है। यही वजह है कि शुगर की लत धीरे-धीरे सिगरेट की लत से भी ज्यादा खतरनाक हो जाती है।
धीरे-धीरे बढ़ती है क्रेविंग
एक-एक करके सिगरेट पीने से या एक-दो बार चॉकलेट खाने से आदत नहीं बनती, लेकिन लगातार मीठा खाने से ये आदत बन जाती है और क्रेविंग बढ़ जाती है। ऐसे में चॉकलेट या मीठी चीजें सिगरेट की तरह आपके शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती हैं। इसलिए मिठाइयों और चॉकलेट का सेवन समझदारी से करें और अपने खानपान पर ध्यान दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।