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Diabetic Ketoacidosis: डायबिटीज में कीटोन क्या है? जानिए लक्षण और ऐसे करें बचाव

Diabetes Ketones: शरीर में कीटोन का लेवल तब हाई हो जाता है, जब इंसुलिन धीरे-धीरे कम होने लगता है। जिसके कारण टाइप-1 डायबिटीज के मरीज में कीटोन्‍यूरिया की समस्या बढ़ जाती है। कीटोन का ब्लड में बढ़ना DKA को ट्रिगर कर सकते हैं, जो डायबिटीज में खतरनाक होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 14, 2025 पर 7:21 AM
Diabetic Ketoacidosis: डायबिटीज में कीटोन क्या है?  जानिए लक्षण और ऐसे करें बचाव
Diabetes Care: कीटोन्स एसिड होते हैं। यह लिवर में बनते हैं। ये हर किसी में होते हैं, चाहे आपको डायबिटीज़ हो या न हो।

डायबिटीज के मरीज दुनियाभर में तेजी से फैल रहे हैं। करोड़ों की तादाद में लोग इस बीमारी के शिकार हो रहे हैं। डायबिटीज से परेशान लोगों को ब्लड शुगर बढ़ जाता है। जिसे जिंदगी भर कंट्रोल करने की जरूरत रहती है। डायबिटीज किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। जिन लोगों में अत्यधिक मोटापा रहता है। डायबिटीज के मरीजों का अगर कीटोंस लेवल हाई हो जाए तो यह एक चिंता की बात है। शरीर में कीटोन का लेवल तब हाई हो जाता है जब इंसुलिन धीरे-धीरे कम होने लगता है। जिसके कारण टाइप-1 डायबिटीज के मरीज में कीटोन्‍यूरिया की समस्या बढ़ जाती है।

जब हमारा शरीर ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट के जगह फैट और प्रोटीन का इस्तेमाल करता है, तो ऐसी स्थिति में शरीर में एक केमिकल बनता है। जिसे कीटोन कहा जाता है। ये कीटोन टॉयलेट के जरिए शरीर से बाहर निकल जाते हैं, लेकिन कई बार यूरिन में इनकी मात्रा बढ़ जाती है। इससे गंभीर स्थिति कीटोन्‍यूरिया पैदा होती है। इससे डायबिटीज कीटोएसिडोसिस भी हो सकता है।

क्या है कीटोन्‍यूरिया?

जब टॉयलेट में कीटोन की मात्रा ज्यादा बनने लगती है तो इस पूरी स्थिति को कीटोन्यूरिया कहा जाता है। कीटोंस लिवर में बनता है। यह तीन तरह के होते हैं एसीटोएसिटेट, β-हाइड्रॉक्सीब्यूटाइरेट, और एसीटोन। यूरिन में किटोंस की मात्रा बढ़ने लगती है जब शरीर में एनर्जी के लिए शरीर के बेकअप यानी फैट और प्रोटीन सेल्स तोड़ने लगता है। डायबिटीज मरीज को यह समस्या खत्म करने की जरूरत है। जिसके कारण शरीर में फैट और प्रोटीन की कमी होने लगती है। इसमें इंसुलिन कम हो जाता है। ऐसे में इंसुलिन की कमी से टाइप 1 डायबिटीज के मरीज को कीटोन्‍यूरिया होने का खतरा रहता है।

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