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Diabetes: ठंड में खाएं बथुआ, खून की एक-एक नस से फालतू की शुगर निकाल देगा बाहर

Diabetes: बथुआ को देश में कई नामों से जाना जाता है। मराठी में चकवत, बंगाली में शाक और तमिल में पारुपुक्किरल (parupukkiral), तेलुगू में पप्पू कुरा (pappu kura) के नाम से जाना जाता है। यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें पोषक तत्वों का खजाना छिपा है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह किसी अमृत से कम नहीं है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 28, 2024 पर 7:20 AM
Diabetes: ठंड में खाएं बथुआ, खून की एक-एक नस से फालतू की शुगर निकाल देगा बाहर
Diabetes: ठंड में बथुआ का साग, परांठे और रोटी बनाकर खाने से 30 रोग दूर रहते हैं।

सर्दियों के मौसम में तरह-तरह की साग-सब्जियां मिलती हैं। ये सब्जियां बेहतरीन स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती हैं। आपको इस मौसम में अपनी डाइट में पौष्टिक गुणों से भरपूर कई तरह के साग को जरूर शामिल करना चाहिए। इन्ही में से एक है बथुआ (Bathua) का साग है। सर्दियों में इसका सेवन करने से कई तरह की बीमारियों से हमेशा दूर रहेंगे। डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए यह किसी दवा से कम नहीं है। आयुर्वेद डॉक्टर इसे खून साफ करने वाला फूड मानते हैं। इतना ही नहीं, बथुआ खाने से शरीर 30 रोगों से आजाद हो जाता है। यह शक्तिवर्धक औषधि डायबिटीज में ब्लड शुगर को कंट्रोल रखती है।

देश में बथुआ को कई नामों से जाना जाता है। मराठी में चकवत, बंगाली में शाक और तमिल में पारुपुक्किरल (parupukkiral), तेलुगू में पप्पू कुरा (pappu kura) के नाम से जाना जाता है। यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें पोषक तत्वों का खजाना छिपा है। इसके सेवन वजन कंट्रोल करने और बालो को चमकदार करने में भी मदद मिलती है।

बथुआ में इन तत्वों की है भरमार

दरअसल, बथुआ विटामिन B1, B2, B3, B5, B6, B9 और विटामिन C से भरपूर होता है। इसमें कैल्शियम, लोहा, मैग्नीशियम, मैगनीज, फास्फोरस, पोटाशियम, सोडियम और जिंक जैसे मिनरल्स भी पाए जाते हैं। सर्दी के मौसम में एक छोटी कटोरी बथुआ खाने की सलाह दी जाती है। सर्दी के मौसम में इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। बथुआ में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है। जिससे वजन कंट्रोल करने में मदद मिलती है। आयुर्वेद में इसे सात्विक आहार (saatvic aahaar) कहा गया है। हरी पत्तियों में पानी की मात्रा अधिक होती है। इसमें कैलोरी कम होती है। इससे पाचन शक्ति दुरुस्त रहती है। इतना ही नहीं इससे बैड कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करने में मदद मिलती है।

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