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₹250 किलो बिकती है ये सब्जी, फिर भी लोग झोली भरकर खरीदते हैं, जानें इसके जबरदस्त फायदे

kakoda benefits: बरसात में जंगलों से निकलकर बाजारों में आने वाली ककोड़ा सब्जी बेहद खास होती है। यह केवल एक महीने के लिए ही मिलती है। बिना खाद और बीज के अपने आप उगती है। स्वादिष्ट होने के साथ यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। लोग इसे बड़े चाव से खरीदते हैं

Anchal Jhaअपडेटेड Jul 13, 2025 पर 8:32 AM
₹250 किलो बिकती है ये सब्जी, फिर भी लोग झोली भरकर खरीदते हैं, जानें इसके जबरदस्त फायदे
kakoda benefits: ककोड़ा को लोग ककोड़ा, ककोरा या काकोड़ा जैसे नामों से जानते हैं।

बरसात के मौसम में कई खास सब्जियां बाजार में आती हैं, लेकिन उनमें से एक है ककोड़ा, जो सबसे अलग और खास मानी जाती है। ये सब्जी सिर्फ एक महीने के लिए ही मिलती है और लोग इसका बेसब्री से इंतजार करते हैं। ककोड़ा कोई आम सब्जी नहीं, यह घने जंगलों में अपने आप उगती है। इसे उगाने के लिए न तो बीज चाहिए, न ही खाद। ये सब्जी जंगलों में सांपों के बीच अपने आप पैदा होती है, इसलिए इसे लाना भी काफी जोखिम भरा होता है। ककोड़ा ऊपर से कांटेदार होता है, लेकिन इसका स्वाद लाजवाब होता है।

सेहत के लिहाज से भी ये बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यही वजह है कि ये कम समय तक मिलने के बावजूद लोगों की पहली पसंद बन जाती है। बरसात में ये सब्जी सेहत और स्वाद का एक अनोखा मेल मानी जाती है।

सांपों के बीच उगती है यह कांटेदार सब्जी

ककोड़ा दिखने में कांटेदार होता है और पहली नजर में अजीब लग सकता है, लेकिन इसके अंदर सेहत का खजाना छिपा है। ये घने जंगलों में, वो भी सांपों के रहने वाले इलाकों में उगता है। जंगलों से इसे लाना भी कम जोखिम भरा काम नहीं होता, शायद इसलिए इसे "जंगलों की रानी" भी कहा जाता है। जब ये सब्जी बाजारों में आती है, तो लोगों की भीड़ लग जाती है। इसकी महक और ताजगी लोगों को तुरंत आकर्षित करती है। यही वजह है कि ये थोड़ी महंगी होने के बावजूद भी खूब बिकती है।

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