किडनी हमारे शरीर की सफाई करने वाली मशीन है। ये खून को छानकर उसमें मौजूद गंदगी (टॉक्सिन्स) को बाहर निकालती है, जिससे शरीर सही तरीके से काम करता है। अगर किडनी खराब हो जाए, तो शरीर में जहरीले तत्व जमा होने लगते हैं, जिससे गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। अक्सर लोग हाई बीपी और डायबिटीज को किडनी खराब होने की वजह मानते हैं, लेकिन कुछ गलत आदतें भी इसे नुकसान पहुंचा सकती हैं। ज्यादा नमक और दर्द की दवाओं का सेवन, जरूरत से ज्यादा कैफीन या शराब पीना, और शरीर में होने वाले संक्रमण को नजरअंदाज करना, किडनी पर बुरा असर डाल सकता है।
अगर आप चाहते हैं कि आपकी किडनी लंबे समय तक सही काम करे, तो अपनी गलत आदतों को बदलें और सेहतमंद लाइफस्टाइल अपनाएं। वरना, जब किडनी खराब होती है, तो इलाज भी मुश्किल और महंगा हो जाता है!
अधिक मात्रा में नमक का सेवन करने से किडनी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है। पैकेट वाले फूड और टेबल सॉल्ट में मौजूद अधिक सोडियम किडनी के लिए नुकसानदेह होता है। जब किडनी इसे सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती, तो इसके खराब होने का जोखिम बढ़ जाता है।
जरूरत से ज्यादा दर्द निवारक दवाओं (पेनकिलर) का सेवन करने से किडनी पर नकारात्मक असर पड़ता है। रिसर्च के अनुसार, ब्रूफेन जैसी पेनकिलर दवाएं किडनी के कार्य पर दबाव डालती हैं, जिससे इसके डैमेज होने की संभावना बढ़ जाती है।
रोजाना एक से दो कप कॉफी पीना सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर कैफीन की मात्रा तीन से चार कप तक पहुंच जाए, तो यह किडनी के कार्य में बाधा डाल सकती है। इससे किडनी डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है।
शराब और अन्य एल्कोहलिक पदार्थों का सेवन किडनी की कार्यक्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। इससे किडनी को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ये धीरे-धीरे कमजोर हो सकती है।
अगर आपकी किडनी पहले से ही कमजोर है और आप अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन कर रहे हैं, तो यह आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। शरीर की जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी उसे सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे प्रोटीन लीकेज होने लगती है और किडनी फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।
अगर आप लंबे समय तक फ्लू जैसी समस्याओं को अनदेखा कर रहे हैं, तो ये बैक्टीरिया और वायरस के कारण किडनी में सूजन पैदा कर सकता है। इससे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
संतुलित मात्रा में नमक और प्रोटीन का सेवन करें।
पेनकिलर का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह के बिना न करें।
कैफीन और एल्कोहल की मात्रा सीमित करें।
शरीर को हाइड्रेट रखें और स्वस्थ आहार का पालन करें।
फ्लू या अन्य संक्रमण को हल्के में न लें और समय पर इलाज करवाएं।
इन आदतों को सुधारकर आप अपनी किडनी को स्वस्थ रख सकते हैं और किडनी फेलियर के खतरे को कम कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।