Diabetes: क्या एक आम आपकी शुगर को बिगाड़ सकता है? जानिए कब और कितना खाएं
Diabetes: गर्मियों में आम देखकर मन ललचा उठता है, लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए ये स्वाद एक उलझन बन जाता है। क्या ये मीठा फल ब्लड शुगर को बढ़ा देगा? या इसे समझदारी से खाया जाए तो नुकसान नहीं होगा? आइए जानते हैं, क्या डायबिटीज में आम खाना सही फैसला है
Diabetes: आम में 30% शुगर फ्रक्टोज होती है, जो ज्यादा मात्रा में लेने पर ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकती है।
गर्मियों की शुरुआत होते ही आम का क्रेज हर घर में दिखने लगता है। बच्चों से लेकर बड़े तक हर कोई इस रसीले फल का इंतज़ार करता है। लेकिन जब बात डायबिटीज पेशेंट्स की हो, तो यही स्वाद एक मुश्किल फैसला बन जाता है। बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते ब्लड शुगर मामलों ने लोगों को खाने-पीने को लेकर और भी सतर्क कर दिया है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या डायबिटीज के मरीज आम खा सकते हैं? क्योंकि आम में नेचुरल शुगर होती है, लोग इसे सीधे-सीधे नुकसानदायक मान लेते हैं और डाइट से हटा देते हैं।
मगर एक्सपर्ट्स की मानें तो हर मीठी चीज खराब नहीं होती—अगर आप उसे सही समय, मात्रा और संतुलन के साथ खाएं। सेहत और स्वाद दोनों को बैलेंस करने के लिए जरूरी है थोड़ी स्मार्टनेस। आइए जानें कि डायबिटिक लाइफस्टाइल में आम को कैसे और कब शामिल किया जा सकता है।
क्या डायबिटीज में आम खाया जा सकता है?
बहुत से लोग सोचते हैं कि आम मीठा है, इसलिए डायबिटीज में इसे नहीं खाना चाहिए। लेकिन ये पूरी तरह सही नहीं है। आम में शुगर जरूर होती है, लेकिन साथ ही इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। ये ब्लड शुगर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं।
आम का पोषण और ग्लाइसेमिक इंडेक्स
एक कप कटे हुए आम में होता है:
99 कैलोरी
25 ग्राम कार्बोहाइड्रेट
22.5 ग्राम प्राकृतिक शुगर
2.6 ग्राम डाइटरी फाइबर
साथ ही, इसमें विटामिन C, A, E, फोलेट, कॉपर और पोटैशियम भी होता है।
आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 51 है, जो इसे Low-GI फल बनाता है। यानी ये ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है।
रिसर्च क्या कहती है?
2014 की एक स्टडी के मुताबिक, रोज 10 ग्राम फ्रीज-ड्राय आम खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में सुधार देखा गया।
एक अन्य स्टडी में पाया गया कि आम में मौजूद पॉलीफेनॉल्स इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ा सकते हैं और शरीर की सूजन को कम करते हैं।
डायबिटीज में आम कैसे खाएं?
छोटे हिस्से में खाएं – आधा कप आम (लगभग 82 ग्राम) डायबिटीज वालों के लिए सेफ माना जाता है।
प्रोटीन या हेल्दी फैट के साथ खाएं – जैसे ग्रीक योगर्ट, अंडा या बादाम के साथ।
स्मूदी में मिलाएं – प्रोटीन पाउडर या चिया सीड्स के साथ मिलाकर।
इससे पाचन धीमा होता है और ब्लड शुगर स्पाइक नहीं करता।
किन चीजों से बचें?
प्रोसेस्ड आम – जैसे आम का जूस, ड्राय आम या मीठा आम पल्प। इनमें फाइबर नहीं होता और शुगर ज्यादा होती है।
ज्यादा मात्रा में एक बार में खाना – इससे अचानक ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
कब खाएं और कैसे?
सुबह या दोपहर में आम खाना बेहतर होता है। उस समय इंसुलिन सेंसिटिविटी ज्यादा होती है।
आम को छोटे टुकड़ों में काटकर धीरे-धीरे खाएं। इससे संतुष्टि मिलती है और ज्यादा खाने से बचते हैं।
ध्यान रखें, आम में 30% शुगर फ्रक्टोज होती है, जो ज्यादा मात्रा में लेने पर ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा सकती है। खासकर उन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए जिन्हें कोलेस्ट्रॉल भी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।