Old People Smell: क्या आप भी उम्र के साथ इस गंध से परेशान हैं? जानें इसका देसी इलाज

Old People Smell: क्या आपने कभी महसूस किया है कि उम्रदराज लोगों से अक्सर एक अलग तरह की गंध आती है? यह केवल कल्पना नहीं, बल्कि एक वैज्ञानिक हकीकत है। हैरानी की बात ये है कि किचन में रखी एक सफेद चीज इस गंध को कम कर सकती है। जानिए क्या है इसका रहस्य और कैसे करता है ये काम

अपडेटेड Jul 17, 2025 पर 8:35 AM
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Old People Smell: बुजुर्गों से आने वाली गंध को रोकता है मशरूम, रिसर्च में हुआ खुलासा

क्या आपने कभी किसी बुजुर्ग व्यक्ति के पास बैठते हुए उनके शरीर से एक अलग सी गंध महसूस की है? न तो वह पसीने जैसी होती है, न परफ्यूम जैसी—बल्कि हल्की सी सीलन और पुरानी चीजों की तरह। यह कोई इत्तेफाक नहीं है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कई बदलाव आते हैं—बाल सफेद होने लगते हैं, त्वचा ढीली पड़ती है, मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है—और इन्हीं में से एक है शरीर से निकलने वाली यह खास किस्म की गंध। इसे साइंस की दुनिया में "ओल्ड पीपल स्मेल" कहा जाता है। आजकल के लाइफस्टाइल में जहां हर कोई अपनी हाइजीन और फ्रेग्रेंस को लेकर सजग रहता है,

वहीं ये गंध बुजुर्गों के लिए एक आम बात है, भले ही वे कितना भी साफ-सुथरे क्यों न हों। वैज्ञानिकों ने अब पता लगा लिया है कि इस गंध के पीछे कौन-सा तत्व जिम्मेदार है और यह कैसे उम्र के साथ खुद-ब-खुद शरीर से निकलने लगता है।

ये गंध क्यों आती है?


ये कोई आम पसीने या शरीर की बदबू नहीं है, जिसे साबुन या डियो से हटाया जा सके। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में एंटीऑक्सीडेंट कम हो जाते हैं, जिससे त्वचा की ऊपरी सतह पर मौजूद ऑयल ऑक्सीकरण होकर गंध पैदा करते हैं। इस प्रक्रिया को लिपिड परऑक्सिडेशन कहा जाता है। त्वचा की नई कोशिकाएं भी कम बनती हैं, जिससे पुरानी गंध लंबे समय तक बनी रहती है।

उम्र बढ़ने पर गंध क्यों बढ़ती है?

बुढ़ापे में शरीर के हार्मोन जैसे एस्ट्रोजन, टेस्टोस्टेरोन और ग्रोथ हॉर्मोन कम हो जाते हैं। इनकी कमी से त्वचा की कोशिकाएं जल्दी रिप्लेस नहीं हो पातीं और ऑक्सीडाइज्ड ऑयल ज्यादा देर तक त्वचा पर टिके रहते हैं। खासकर मेनोपॉज और परिमेनोपॉज के दौरान ये गंध ज्यादा महसूस होती है।

आपकी रसोई में है इसका इलाज

चौंकाने वाली बात ये है कि इस गंध से निपटने के लिए कोई महंगा स्किन प्रोडक्ट नहीं, बल्कि आपकी किचन का एक आम खाद्य पदार्थ मदद कर सकता है—मशरूम। जी हां, मशरूम में कुछ खास पोषक तत्व होते हैं जो शरीर में अंदर से बदलाव लाकर इस गंध को कम कर सकते हैं।

मशरूम में छुपा है एंटी-एजिंग और खुशबू का राज

  1. एर्गोथायोनीन (Ergothioneine):

ये एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो त्वचा की ऑक्सीडेशन प्रक्रिया को रोकता है और सूजन कम करता है। इससे 2-नोनिनल बनने की संभावना घटती है।

  1. स्पर्मिडीन (Spermidine):

ये एक नेचुरल तत्व है जो शरीर की सेल्स को खुद को साफ करने और नवीनीकरण करने की प्रक्रिया (Autophagy) को तेज करता है। इससे त्वचा फिर से तरोताजा बनती है और पुरानी गंध हटने लगती है।

बढ़ती उम्र के कई असर से मिल सकती है राहत

मशरूम का सेवन सिर्फ शरीर की गंध को कम नहीं करता, बल्कि ये उम्र बढ़ने की पूरी प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है। रिसर्च के मुताबिक:

  • मशरूम खाने से याददाश्त कमजोर होने का खतरा कम हो सकता है
  • इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है
  • कुछ कैंसर (जैसे ब्रेस्ट और प्रोस्टेट) का खतरा भी घट सकता है
  • मशरूम में मौजूद विटामिन D और बीटा ग्लूकन से हड्डियां भी मजबूत बनती हैं

मिडल एज में मशरूम क्यों जरूरी है?

विशेषज्ञों का मानना है कि 40 की उम्र के बाद अगर मशरूम को नियमित डाइट में शामिल किया जाए, तो 2-नोनिनल जैसी गंध से बचा जा सकता है। इससे न सिर्फ त्वचा की सेहत सुधरती है, बल्कि बुढ़ापा भी धीरे-धीरे आता है।

नतीजा: खुशबूदार उम्रदराजी और लंबी उम्र

अगर आप चाहते हैं कि उम्र के साथ शरीर से कोई अजीब गंध न आए और आप भीतर से हेल्दी महसूस करें, तो मशरूम को अपनी थाली में जरूर जगह दें। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह एक नेचुरल बॉडी डियोड्रेंट की तरह काम करता है—वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के।

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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