Heart: हार्टबीट बन गई हेल्थ इंडिकेटर! जानें कैसे धड़कनों से पता चलेगा दिल की बीमारी का रिस्क

Heart health: नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी की इस स्टडी के मुताबिक, अगर किसी का 'हार्ट बीट रेट' एवरेज 140 या ज्यादा है तो ये बीमार दिल का सिग्नल है। ऐसे लोगों को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा है।

अपडेटेड Apr 14, 2025 पर 1:24 PM
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Heart Health: अगर आपकी औसतन हार्टबीट 140 या उससे ज्यादा है, तो ये गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है

अगर आप रोजाना ऑफिस, मार्केट या वॉक पर हजारों कदम चलते हैं और सोचते हैं कि आपकी दिल की सेहत बढ़िया है, तो जरा रुकिए! नॉर्थ वेस्टर्न यूनिवर्सिटी की रिसर्च बताती है कि सिर्फ चलना ही काफी नहीं है, आपकी हार्टबीट भी उतनी ही अहम है। सोचिए, आप और आपका दोस्त दोनों दिनभर 10,000 कदम चलते हैं, लेकिन अगर आपकी हार्ट रेट 120 है और दोस्त की 80, तो उसकी दिल की सेहत आपसे बेहतर मानी जाएगी। यानी अब बात सिर्फ चलने की नहीं, चलते वक्त दिल कैसे धड़कता है, वही असली फिटनेस की पहचान है।

हमारी डेली लाइफ में जितना जरूरी है एक्टिव रहना, उतना ही जरूरी है अपनी हार्ट रेट को मॉनिटर करना। वरना हम सोचते रहेंगे कि हम फिट हैं, और अंदर ही अंदर दिल थकता जाएगा। अब फिटनेस का असली पैमाना है – आपका दिल कितनी आसानी से काम करता है।

140 से ऊपर की हार्टबीट खतरे की घंटी


अगर आपकी औसतन हार्टबीट 140 या उससे ज्यादा है, तो ये गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है – जैसे डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और यहां तक कि हार्ट अटैक तक। यानी, दिल की सेहत अब सिर्फ उम्र या वजन से नहीं, आपकी धड़कनों से तय होगी।

स्मार्टवॉच नहीं, स्मार्ट लाइफस्टाइल  जरूरी

सिर्फ स्मार्टवॉच पहनना ही काफी नहीं है। आपको हर दिन कम से कम 40 मिनट वर्कआउट या योग में भी लगाना होगा। कार्डियो एक्सरसाइज जैसे तेज चलना, दौड़ना या साइकलिंग से न सिर्फ हार्ट मजबूत होता है बल्कि ब्लड में ऑक्सीजन का लेवल भी बढ़ता है और स्ट्रेस हार्मोन कम होता है।

भागदौड़, स्क्रीन टाइम और थका देने वाला दिल

जापान की एक रिसर्च के मुताबिक, भारतीयों की हार्टबीट सामान्य से 15% ज्यादा पाई गई है। वजह? ज्यादा भागदौड़, कम नींद और लगातार मोबाइल पर टकटकी लगाए रहना। इससे भूख-प्यास के संकेत कमजोर हो जाते हैं और नींद पर भी बुरा असर पड़ता है।

युवाओं में भी बढ़ा हार्ट रिस्क

चौंकाने वाली बात ये है कि अब 45 से कम उम्र में हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। दिल की मांसपेशियां 40 की उम्र तक कठोर हो जाती हैं और पंप करने की ताकत घट जाती है।

दिल की बीमारी से कैसे बचें?

रोज करें कार्डियो एक्सरसाइज

कंट्रोल में रखें ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल

वजन को संतुलन में रखें

फाइबर, नट्स और साबुत अनाज से भरपूर डाइट लें

दिल के लिए देसी इलाज भी कारगर

लौकी – इसका जूस, सूप और सब्जी दिल को ठंडक और मजबूती देते हैं

अर्जुन की छाल, तुलसी और दालचीनी – इनसे बना काढ़ा रोज़ पीने से हार्ट मजबूत होता है

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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