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AI एडॉप्शन पर IIM अहमदाबाद की रिपोर्ट, भारत में उम्मीद से ज्यादा तेजी के साथ बढ़ रहा AI

इस सर्वे के मुताबिक 40 फीसदी लोग मानते हैं कि उनकी स्किल भविष्य में किसी काम की नहीं रह जाएगी। वहीं 63 फीसदी लोग मानते हैं कि AI भविष्य में नए तरह की नौकरी के मौके पैदा करेगा। जानकारों का कहना है कि आगे AI से डाटा एंट्री ऑपरेटर, क्वालिटी इंस्पेक्टर, डिमांड फोरकास्टर, लैंग्वेज ट्रांसलेटर, सुपरवाइजर के रोल में भारी बदलाव होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 23, 2024 पर 7:36 PM
AI एडॉप्शन पर IIM अहमदाबाद की रिपोर्ट, भारत में उम्मीद से ज्यादा तेजी के साथ बढ़ रहा AI
सीएनबीसी-आवाज संवाददाता केतन जोशी ने इस रिपोर्ट के ऑथर प्रोफेसर अनिंद्य चक्रवर्ती से खास बात की। IIM अहमदाबाद की AI पर आई रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि भारत में AI को लेकर खास जानकारी नहीं है

भारत में व्हाइट कॉलर जॉब में AI के इस्तेमाल को लेकर IIM अहमदाबाद ने एक सर्वे किया है। इस सर्वे के रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 55 फीसदी व्हाइट कॉलर जॉब करने वाले एम्पलॉई AI का इस्तेमाल कर चुके हैं। वहीं 48 फीसदी कर्मचारियों ने माना कि उन्हें कंपनी की तरफ से AI ट्रेनिंग का मौका मिला है। सर्वे के मुताबिक 68 फीसदी एम्पलॉई मानते हैं कि अगले 5 साल में AI उनकी नौकरी को थोड़ा या पूरी तरह से बदल सकता है।

इस सर्वे के मुताबिक 40 फीसदी लोग मानते हैं कि उनकी स्किल भविष्य में किसी काम की नहीं रह जाएगी। वहीं 63 फीसदी लोग मानते हैं कि AI भविष्य में नए तरह की नौकरी के मौके पैदा करेगा। टेक्निकल बैकग्राउंड के लोग AI युग में अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। वहीं एंट्री लेवल के कर्मचारी मानते हैं कि उनका काम ऑटोमेट हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक AI डिसरप्शन शुरू हो चुका है और हमारी-आपकी उम्मीद से ज्यादा तेजी के साथ AI हमारे कामकाज को बदलना शुरू कर चुका है।

सीएनबीसी-आवाज संवाददाता केतन जोशी ने इस रिपोर्ट के ऑथर प्रोफेसर अनिंद्य चक्रवर्ती से खास बात की। IIM अहमदाबाद की AI पर आई रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि भारत में AI को लेकर खास जानकारी नहीं है। AI की जानकारी के मामले में विकसित देश आगे हैं। AI का मौजूदा वर्क स्टाइल के साथ बैलेंस बनाना बड़ी चैलेंज की बात है। लेबर वर्क फोर्स अभी टेक्नोसेवी नहीं है। AI की रेस में भारत महत्वपूर्ण। सरकारी स्तर पर काफी प्रयास हो रहे हैं। इसके लिए सरकारी एजेंसियों में समन्वय जरूरी है। AI स्किलिंग प्राथमिकता होनी चाहिए। लेकिन भारत में AI को सफल बनाने के लिए सिर्फ सरकार सक्षम नहीं होगी।

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