Amarnath Yatra: बादल फटने के बाद आज से फिर शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, लापता लोगों की अभी भी तलाश जारी

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद अमरनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। अब श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने कहा है कि सोमवार से फिर से यात्रा शुरू हो गई है

अपडेटेड Jul 11, 2022 पर 10:08 AM
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अमरनाथ यात्रा आज सोमवार से फिर से शुरू कर दी गई है।

खराब मौसम और बादल फटने की घटना के बाद अमरनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। अब दो दिन की रोक लगने के बाद अब आज यानी सोमवार से फिर से यात्रा शुरू हो गई है। यह नुनवान बेस कैंप, पहलगाम से शुरू हुई है। बालताल और नुनवान दोनों ही तरफ से चॉपर की सर्विस मुहैया कराई गई है। बता दें कि बादल फटने से 16 लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 40 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। जम्मू की डिप्टी कमश्निर अवनी लवासा (Avny Lavasa) ने बताया कि 11 जुलाई से सभी रजिस्टर्ड यात्रियों को भगवती नगर आधार शिविर में जाने के लिए कहा गया है।

जम्मू बेस कैंप से पवित्र गुफा के दर्शनों के लिए नए जत्था रवाना हो गया है। पहलगाम रूट पर नुनवान आधार शिविर (Nunwan base camp) से अमरनाथ यात्रियों के जत्थे को पवित्र गुफा के लिए रवाना किया गया है। अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अनुसार यात्रा को सोमवार से एक ही रूट पर शुरू किया जा रहा है। हेलिकॉप्टर सर्विस नुनवान और बालटाल दोनों रूट से मुहैया कराई गई है।

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा (Manoj Sinha) ने रविवार को पहलगाम में नुनवान आधार शिविर का दौरा किया। उन्होंने अमरनाथ यात्रा फिर से शुरू किए जाने के लिए किए जा रही कोशिशों का जायजा लिया। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि सिन्हा बचाव और राहत कार्यों और यात्रा को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की निगरानी के लिए नुनवान में रात भर रुकेंगे। मनोज सिन्हा ने कई श्रद्धालुओं से भी बातचीत की। उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं और लंगर की समीक्षा की। इस बीच, बचावकर्मियों ने कहा कि अमरनाथ में बाढ़ में लापता लोगों के जिंदा मिलने की उम्मीदें कम होती जा रही हैं। हालांकि किसी भी जीवित व्यक्ति की तलाश आखिरी समय तक जारी रहेगी।

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बादल फटने से रोक दी गई थी यात्रा

बता दें कि अमरनाथ गुफा के पास ही शुक्रवार को बादल फट गया। जिसकी वजह से आई बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद सैकड़ों लोगों को बचाया गया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद यात्रा को रोक दिया गया और नए जत्थों की रवानगी पर रोक लगा दी गई थी। 30 जून से दो मार्गों से 43 दिवसीय वार्षिक अमरनथ तीर्थयात्रा शुरू हुई थी। पहला रास्ता दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में नुनवान से होकर जाता है जो कि 48 किलोमीटर लंबा है। वहीं दूसरा रास्ता मध्य कश्मीर के गांदरबल में बालटाल से है जो कि 14 किलोमीटर छोटा है। 11 अगस्त को अमरनाथ यात्रा खत्म हो जाएगी।

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