अमृतपाल सिंह के पंजाब आने के बाद सीमा पर बढ़ी पाकिस्तानी ड्रोन की आवाजाही, ड्रग तस्कर भी हुए एक्टिव

Amritpal Singh: सूत्रों ने खुफिया एजेंसियों के हवाले से बताया कि अमृतपाल सिंह के पंजाब आने के बाद सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन्स की आवाजाही बढ़ी है। सूत्रों ने यह भी कहा कि ड्रग तस्कर कथित तौर पर अमृतपाल की आर्थिक मदद कर रहे थे। वहीं, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI हथियारों और अन्य चीजों में उसकी मदद कर रही थी। हालांकि, अमृतपाल के विदेश में बैठे आका भी पंजाब में दहशत फैलाने के लिए उसे फंडिंग कर रहे थे

अपडेटेड Mar 22, 2023 पर 12:07 PM
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Waris Punjab De का प्रमुख और स्वयंभू खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह अब भी फरार है

वारिस पंजाब दे (Waris Punjab De) का प्रमुख और खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) को लेकर खुफिया एजेंसियों ने कई बड़े खुलासे किए हैं। सूत्रों ने खुफिया एजेंसियों के हवाले से न्यूज 18 को बताया कि अमृतपाल सिंह के पंजाब आने के बाद सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन्स की आवाजाही बढ़ी है। सूत्रों ने यह भी कहा कि ड्रग तस्कर कथित तौर पर अमृतपाल की आर्थिक मदद कर रहे थे। वहीं, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI हथियारों और अन्य चीजों में उसकी मदद कर रही थी। हालांकि, अमृतपाल के विदेश में बैठे आका भी पंजाब में दहशत फैलाने के लिए उसे फंडिंग कर रहे थे।

आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2022 में पाकिस्तान से पंजाब में ड्रग्स ले जाने वाले ड्रोनों की सबसे अधिक आवाजाही देखी गई। केंद्रीय एजेंसियों को संदेह है कि यह घटनाएं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के राज्य में आगमन के बाद से बढ़ा है।

ड्रोन की आवाजाही में भारी वृद्धि


News18 द्वारा एक्सेस किए गए डेटा के अनुसार, पिछले साल सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पंजाब में 256 ड्रोन गतिविधियों को देखा। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में बीएसएफ ने 67 ड्रोन मूवमेंट देखे। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि जम्मू सीमा पर पिछले साल ड्रोन की आवाजाही में काफी वृद्धि देखी गई।

इस बीच, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां इस वृद्धि को अमृतपाल सिंह के दुबई में लगभग एक दशक बिताने के बाद पंजाब में एंट्री से जोड़कर देख रही है। सूत्रों ने कहा कि सिंह के लिंक पाकिस्तान में स्थित बिल्ला, बिलाल और राणा जैसे सीमा पार के ड्रग डीलरों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये डीलर स्थानीय अपराधियों और सीमा के करीब स्थित ग्रामीणों की मदद से भारत में ड्रग्स की आपूर्ति कर रहे हैं।

अधिकारियों का दावा है कि अमृतपाल सिंह की मदद से पंजाब को हथियार, गोला-बारूद और ड्रग्स की लगातार आपूर्ति हो रही थी। पाकिस्तान लगातार पंजाब में कानून और व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए तस्करी कर रहा था।

ISI भेज रहा था हथियार

केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने अपनी जांच में पाया है कि सिंह को पाकिस्तान के ISI द्वारा ड्रोन के जरिए हथियारों की आपूर्ति की गई थी। जब वह दुबई में रह रहा था, तो आईएसआई के एजेंटों ने उससे संपर्क किया था। BSF द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, अमृतसर, गुरदासपुर और फिरोजपुर में सबसे ज्यादा ड्रोन मूवमेंट दर्ज किए गए।

दिलचस्प, बात यह है कि सिंह का गांव अमृतसर के करीब है। एजेंसियों को संदेह है कि उसने ड्रोन के माध्यम से हथियार, गोला-बारूद और ड्रग्स पहुंचाने के लिए स्थानीय अपराधियों को काम पर रखा था। वह पाकिस्तान स्थित अधिकारियों के संपर्क में भी था, क्योंकि उसके मोबाइल नंबर पर पाकिस्तान से +92 से शुरू होने वाली कई कॉल आ रही थीं।

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इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि पिछले साल सितंबर से दिसंबर तक एक ही ड्रोन ने पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों के बीच 28 अलग-अलग चक्कर लगाए। हालांकि, अधिकारियों का दावा है कि ड्रोन को टेस्ट के लिए उड़ाया गया होगा, क्योंकि यह चीन में बना था। बाद में, पाकिस्तान के किसी व्यक्ति ने इसे भारत भेजने के लिए चीनी कंपनी से खरीदा था।

अभी भी फरार है अमृतपाल

खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के चाचा और कार ड्राइवर ने जालंधर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि सिंह अब भी फरार है। सिंह की तलाश बुधवार को पांचवें दिन भी जारी है। पंजाब पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए सुरक्षा बढ़ा दी है। इस बीच, पंजाब पुलिस ने अमृतपाल सिंह के ‘वारिस पंजाब दे’ के पांच सदस्यों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी NSA लगा दिया है। एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब पुलिस को अमृतपाल सिंह मामले में ISI पहलू और विदेशी फंडिंग का संदेह है।

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