भगोड़े खालिस्तान समर्थक और कट्टर उपदेशक अमृतपाल सिंह (Amritpal Singh) के चाचा एवं ड्राइवर ने जालंधर में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। अमृतपाल सिंह की तलाश अब भी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमृतपाल सिंह के चाचा और ड्राइवर ने रविवार देर रात शाहकोट इलाके के बुलंदपुर गुरुद्वारे के पास पंजाब पुलिस के सामने सरेंडर किया। जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि अमृतपाल के चाचा हरजीत सिंह और ड्राइवर हरप्रीत सिंह ने रविवार देर रात जालंधर के मेहतपुर इलाके में गुरुद्वारे के पास आत्मसमर्पण कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने बताया कि सिंह की तलाश अब भी जारी है। राज्य पुलिस अब तक अमृतपाल के 112 समर्थकों को गिरफ्तार कर चुकी है। अमृतपाल की तलाश में रविवार को पुलिस ने ‘फ्लैग मार्च’ किया और पूरे राज्य में तलाशी अभियान चलाया।
पंजाब सरकार ने अमृतपाल और उसके संगठन ‘वारिस पंजाब दे (Waris Punjab De)’ के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस संगठन के 78 सदस्यों को गिरफ्तार कर चुकी है। जालंधर जिले में सिंह के काफिले को रोके जाने के बाद वह वहां से भाग निकला था।
पुलिस ने उस मर्सिडीज कार को भी बरामद कर लिया है, जिसमें अमृतपाल शनिवार को महतपुर थाने में पंजाब पुलिस द्वारा रोके जाने के दौरान फरार हो गया था। जालंधर के SSP (ग्रामीण) स्वर्णदीप सिंह ने बताया कि अमृतपाल की तलाश अभी जारी है।
पुलिस को अमृतपाल के जालंधर में छिपे होने की आशंका है। पंजाब पुलिस ने जिले के सभी एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर नाकाबंदी कर दी है। अमृतपाल के गांव जल्लूखेड़ा में भी भारी संख्या में फोर्स तैनात है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल से लगी पंजाब की सीमाओं को भी सील कर दिया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमृतपाल का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से लिंक सामने आया है। अमृतपाल के प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के हैंडलर होने का भी इनपुट है। 1980 में बना BKI भारत और इंग्लैंड में आतंकी संगठन घोषित है।
मानव बम तैयार कर रहा था अमृतपाल
खुफिया सूचना में कहा गया है कि खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह हथियारों को जमा करने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों और एक गुरुद्वारे का इस्तेमाल कर रहा था। वह आत्मघाती हमले के लिए युवाओं को तैयार कर रहा था। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक डोजियर (ऐसी फाइल जिसमें किसी व्यक्ति, घटना या विषय पर विस्तृत जानकारी हो) तैयार किया गया है।
इसमें दावा किया गया है कि सिंह युवाओं को खाड़कू या मानव बम बनाने के वास्ते उन्हें तैयार करने में मुख्य रूप से शामिल था। सिंह पिछले साल कथित रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और विदेशों में रहने वाले खालिस्तान के हमदर्दों के कहने पर दुबई से भारत लौटा था। उसके ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के खिलाफ शनिवार को पंजाब सरकार की ओर से की गई कार्रवाई के बाद से ही स्वयंभू कट्टरपंथी उपदेशक फरार है।