Ayodhya Ram Mandir: एक तरफ जहां अयोध्या (Ayodhya) में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Inauguration) होगी, तो वहीं उसी दिन झारखंड (Jharkhand) के जमशेदपुर (Jamshedpur) में भी बिरला मंदिर परिसर में बनाई जा रही प्रभु राम की 18,000 स्क्वायर फीट लंबी चौड़ी रंगोली (Rangoli) का अनावरण होगा। इसके लिए जोर-शोर से तैयारी की जा रही है। विधायक सरयू राय खुद इसकी देखरेख कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि कलाकार विवेक मिश्रा इतनी बड़ी रंगोली को अकेले बना रहे हैं। विवेक के साथ कोई सहायक नहीं है। वह पांच जनवरी से राम की रंगोली बना रहे हैं और 22 जनवरी तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
अभी से ही भगवान राम की अद्भुत रंगोली देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ने लगी है। विधायक सरयू राय ने कहा कि पहले चरण में, जिस दिन राम मंदिर का उद्घाटन होगा, उसी दिन से इस बिरला मंदिर का भी नाम बदलकर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर रखा जाएगा।
'ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा...'
विधायक कहते हैं कि भगवान की इतनी बड़ी रंगोली बन रही है, ये एक वर्ल्ड रिकॉर्ड होगा। ये जमशेदपुर के लिए गौरव की बात होगी। उन्होंने बताया कि विवेक मिश्रा नाम के एक युवा कलाकार हैं और बड़ी बात ये है कि उन्होंने अकेले ही इतनी बड़ी रंगोली बनाने का बीड़ा उठाया है।
कलाकार विवेक मिश्रा बताते हैं कि उन्होंने इसे बनाने के लिए करीब तीन टन रंगों का इस्तेमाल किया है। 20-21 जनवरी तक ये रंगोली बन कर पूरी तरह तैयार होगी। राम मंदिर उद्घाटन के दिन ही इसका भी अनावरण होगा।
विवेक ने कहा कि उन्होंने 5 जनवरी से ये रंगोली बनाने का काम शुरू किया था। इसका आकार 18 हजार स्क्वायर फीट से भी ज्यादा होगा। साथ ही उन्होंने विधायक सरयू राय को धन्यवाद देते हुए कहा, "इतनी बड़ी रंगोली बनाने के लिए सभी व्यवस्था विधायक जी ने ही की है।"
कलाकार ने बताया कि इससे पहले उन्होंने 3000 स्क्वायर फीट की राम मंदिर की रंगोली बनाई थी और उसका उद्घाटन करने भी विधायक सरयू राय आए थे। तभी उन्होंने भगवान राम की इतनी बड़ी रंगोली बनाने का प्रस्ताव विधायक के सामने रखा।
वहीं विधायक ने मंदिर में मूर्ति रखे जाने के बारे में आगे बताया कि उसी दिन अस्थायी तौर पर मंदिर में प्रतिमा भी रखी जाएगी। वह इसलिए क्योंकि सालों से बंद पड़े इस बिरला मंदिर में किसी तरह की कोई मूर्ति नहीं है, जिससे श्रद्धालु निराश होते हैं। प्रतिमा स्थापित होने के बाद श्रद्धालु पूजा अर्चना भी कर सकते हैं। अस्थायी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा नहीं होती है, लेकिन बाद मे जब पूरी तरह से जर्जर मंदिर की मरम्मत हो जाएगी, तब प्रतिमा को मंदिर मे प्राण प्रतिष्ठा के साथ स्थापित किया जाएगा।