Ayodhya Ram Mandir: 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Inauguration) होने वाली है। इस भव्य आयोजन के लिए 16 जनवरी से ही विशेष अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। सिर्फ देश ही नहीं बल्की विदेशों से भी राम लला के लिए अलग-अलग बहुमूल्य उपहार और भेंट आ रही हैं। बड़ी बात ये है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) से आने वाली एक बेहद ही खास चीज है, जिसका इस्तेमाल भगवान के भोग में भी होगा। नेपाल से भी रामलला के लिए कई उपहार आए हैं।
दरअसल ये खास चीज कुछ और नहीं बल्कि व्रत या भोग में इस्तेमाल होने वाला सेंधा नमक है। अयोध्या में भगवान के लिए बनाए जाने वाले 56 तरह के व्यंजनों में कई ऐसे होंगे, जिनमें पाकिस्तान से आए लाहौरी यानि सेंधा नमक का इस्तेमाल होगा।
सेंधा नमक का इस्तेमाल हम और आप व्रत में किया करते हैं। अब सोच रहे होंगे कि सेंधा नमक तो अपने देश में भी मिलता है, फिर पाकिस्तान से आने वाले नमक में ऐसा क्या खास है? इस पर आगे विस्तार से आपको बताएंगे, लेकिन पहले एक बेहद जरूरी बात आपको बता दें कि सेंधा नमक दुनिया के एक ही देश में होता है और वो पाकिस्तान है।
इसका संबंध आजादी से भी जुड़ा है, क्योंकि बंटवारे के बाद से एक समझौते के तहत भारत में सेंधा नमक पाकिस्तान से ही आ रहा है। 50 के दशक में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एक समझौते में सेंधा नमक की बिना किसी रुकावट के सप्लाई को लेकर करार हुआ था।
एक अहम बात ये भी है कि भारत पाकिस्तान के बीच संबंधों में बहुत ज्यादा कड़वाहट है और इसका असर व्यापार पर भी पड़ता है, लेकिन इतने खराब संबंधों के बावजूद सेंधा नमक की सप्लाई कभी नहीं रुकी।
बिना इस नमक के हम त्योहार, पूजा-पाठ के दौरान अपना व्रत का खाना ही तैयार नहीं कर सकते हैं। सेंधा नमक को रॉक साल्ट, हिमालयन पिंक साल्ट या लाहौरी नमक भी कहा जाता है।
पाकिस्तान से दो रुपए की कीमत पर आता है सेंधा नमक
सेंघा नमक केवल दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर पर पाकिस्तान से भारत आता है। इस पर लगने वाली 200% ड्यूटी के बाद भी ये भारत में व्यापारियों को छह रुपए के भाव में मिलता है। इसके बाद भारत में सेंधा नमक की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम होता है।
ये नमक बिना रिफाइन किया हुआ होता है। इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है। लिहाजा ये नमक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
इस सब के अलावा भगवान राम के लिए बनारस के 151 पानों का भोग आएगा। वहीं चंडीगढ़ में 125 क्विंटल शुद्ध देसी घी के लड्डू का प्रसाद बनाने का काम जारी है। रामलला को भोग लगाने के लिए आगरा से पेठा, जयपुर से घी और छत्तीसगढ़ से फूल भी आए हैं। अयोध्या में रामलला को 56 तरह के व्यंजन का भोग लगाया जाएगा। देश-विदेश से रामलला को अर्पण करने के लिए मिठाई, फूल भेजे जा रहे हैं।