खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ NIA का बड़ा एक्शन, पंजाब में SFJ नेता की संपत्ति हुई जब्त

एक आधिकारिक रिलीज में कहा गया है कि NIA ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 33 (5) के तहत पन्नुन से जुड़ी अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। SFJ संगठन को अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन में रहने वाले कुछ कट्टरपंथी सिख चलाते हैं

अपडेटेड Sep 23, 2023 पर 3:03 PM
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NIA ने सिख फॉर जस्टिस नेता गुरपतवंत सिंह पन्नून की संपत्ति जब्त की

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित खालिस्तानी समर्थक (pro-Khalistani) समूह सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के सदस्य और नामित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannun) की संपत्तियों को जब्त कर लिया है। एक आधिकारिक रिलीज में कहा गया है कि NIA ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 33 (5) के तहत पन्नुन से जुड़ी अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक विशेष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

SFJ संगठन को अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन में रहने वाले कुछ कट्टरपंथी सिख चलाते हैं। इस संगठन को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की धारा 3 (1) के प्रावधानों के तहत गैरकानूनी घोषित किया गया था।

केंद्र ने 10 जुलाई, 2019 को एक नोटिफिकेशन जारी कर SFJ को गैरकानूनी संघ घोषित किया था और उस पर पांच साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया था।


इसमें कहा गया कि समूह का प्राथमिक मकसद पंजाब में एक "स्वतंत्र और संप्रभु देश" स्थापित करना था और ये खुले तौर पर खालिस्तान का समर्थन करता है। इस प्रक्रिया में, ये भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती देता है।

कई एजेंसियों ने पन्नू के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। उसे UAPA (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम संशोधन अधिनियम) की चौथी अनुसूची के तहत "व्यक्तिगत आतंकवादी" घोषित किया गया है।

ये कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब हाल ही में कनाडा ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का खुलेतौर पर आरोप लगाया है। इसके बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक विवाद बढ़ गया है।

कनाडा-भारत के रिश्तों में तनाव के पीछे ISI और ड्रग माफिया की अहम भूमिका

कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरफ से जून में सरे में एक प्रमुख सिख अलगाववादी नेता, 45 साल के निज्जर की हत्या में "भारत सरकार के एजेंटों" की संलिप्तता का आरोप लगाया था। इसके बाद दोनों देशों ने इस हफ्ते की शुरुआत में एक-एक वरिष्ठ राजनयिक को निष्कासित कर दिया था। इन आरोपों को नई दिल्ली ने "बेतुका" और "प्रेरित" कहकर सिरे से खारिज कर दिया।

News18 ने एक अधिकारी के हवाले से बताया, “पन्नू, केस RC-19/2020/NIA/DLA दिनांक 05.04.2020 में धारा 120-B, 124-A, 153-A,153-B और 17, 18 और 19 गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत आरोपी है। ये मामला पंजाब में आतंकवादी गतिविधियों को विदेश से फंडिंग, समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों के लिए कट्टरपंथी बनाने से जुड़ा है।''

उन्होंने कहा, "जब्त की गईं संपत्तियों में गांव खानकोट, अमृतसर में कृषि भूमि और मकान नंबर 2033, सेक्टर 15/C, चंडीगढ़ का हिस्सा शामिल है।"

पिछले साल अक्टूबर में, इंटरपोल ने पन्नू के खिलाफ रेड नोटिस की मांग करने वाले भारत के अनुरोध को वापस भेज दिया था। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने NIA को पन्नू के खिलाफ रेड नोटिस की मांग करते हुए अनुरोध भेजा था, लेकिन इसे आगे के सवालों के साथ वापस कर दिया गया था। CBI इंटरपोल के साथ संपर्क करने वाला भारत का नेशनल सेंटर ब्यूरो है।

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