Bihar Hooch Tragedy: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में संदिग्ध जहरीली शराब पीने से जान गंवाने वालों की संख्या सोमवार को बढकर 26 हो गई। इस मामले में पांच थानाध्यक्षों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने जहरीली शराब के सेवन से मरने वाले लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि जहरीली शराब से मौत दुःखद हैं। रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित परिवार के लोगो को ये आर्थिक सहायता दी जाएगी। बता दें कि बिहार में 2016 में शराबबंदी को लागू किया गया था।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा, "जिन लोगों की मृत्यु जहरीले शराब से हुई है और उनके परिवार हमें लिखित में देंगे कि वे राज्य में शराबबंदी के पक्ष में हैं और वे शराब पीने के खिलाफ हैं तो हम उनकी मदद करेंगे। उन्हें हम मुख्यमंत्री राहत कोष से 4 लाख रुपए देंगे। 2016 के बाद जहरीली शराब पीने से मरने वालों के परिजन हमें अर्जी देंगे तो उन्हें हम सहायता राशि देंगे।"
पुलिस अधीक्षक कांतेश कुमार मिश्रा ने सोमवार को पीटीआई को बताया कि पिछले 10 घंटों में चार और लोगों की मौत होने के बाद जहरीली शराब से मरने वालों की कुल संख्या अब 26 हो गई है। घटना के बाद संबंधित थानों के पांच थानाध्यक्षों को भी कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने को लेकर निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि तुरकौलिया, हरसिद्धि, सुगौली, रघुनाथपुर और पहाड़पुर के थानाध्यक्षों को निलंबित किया गया है। जिला पुलिस ने इस मामले को लेकर रविवार को दो पुलिस अधिकारियों एवं नौ चौकीदारों को निलंबित कर दिया था। जिला पुलिस ने अब तक पांच मामले दर्ज किए हैं और जांच कर रही है।
जिला पुलिस ने शनिवार और रविवार को संबंधित थानों के विभिन्न हिस्सों में 600 से अधिक स्थानों पर तलाशी के दौरान 370 लीटर देसी शराब और 50 लीटर कच्चा स्प्रिट बरामद किया है। जबकि 1150 लीटर अर्धनिर्मित शराब को नष्ट कर दिया गया।
बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने 5 अप्रैल 2016 को प्रदेश में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। शराब तस्करों के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जाने के बावजूद प्रदेश में शराब की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।